काव्या ने शादी के बाद अनुज को जो रूप दिखाया उससे वनराज काफी सदमें में हैं, काव्या के धोके और लड़ाई के चलते अब वनराज के दिल में काव्या के लिए बिलकुल जगह नहीं हैं. 7 दिसंबर के एपिसोड में दिखाया गया कि कैसे काव्या वनराज को मनाने की लाख कोशिशें करती हैं लेकिन वनराज काव्या को डांट देते हैं. बच्चे और बा बापूजी सभी मंदिर चले जाते हैं. अनुज भी अनुपमा को अपना ख्याल रखें कहकर घर से चले जाते हैं लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि अनुपमा घर में काव्या और वनराज के साथ अकेली हैं तो वह अनुपमा को बार बार कॉल करते हैं लेकिन वो उठाती नहीं हैं, जिससे अनुज हमेशा की तरह घर के बाहर अनुपमा का इंतजार करने आ जाते हैं.
अनुपमा की कोशिश नाकाम
इसी बीच वनराज की बहन अनुपमा को समझाने की कोशिश करती हैं कि वह वनराज को समझाए. अनुपमा उस वक्त कह देती हैं कि मिस्टर शाह और काव्या के बीच में कुछ नहीं बोलना लेकिन अपने बच्चों और बा बापूजी का सोचकर अनुपमा वनराज से बात करती और समझाती हैं लेकिन वनराज का यह आखिरी फैसला है. इतने में काव्या गुस्से में कमरे से सामान फेकने लगती हैं. वनराज को यह सब देखकर बहुत गुस्सा आता है, इतना कुछ होने के बाद भी अनुपमा को काव्या के लिए बुरा लगता है और वह अपनी पुरानी स्थिति को याद करते हुए काव्या को चुप कराने लगती हैं.
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काव्या की धमकी
वनराज के बिलकुल भी ना मानने पर काव्या वनराज को घरेलु हिंसा के आरोप से धमकाने लगती हैं. लेकिन वनराज को काव्या की धमकी का कोई असर नहीं पड़ता और न ही अनुपमा के समझाने का. काव्या वनराज फिर से लड़ना शुरु कर देती हैं. यह सब देख अनुपमा घर के बाहर आ जाती हैं औरजहां वह अनुज के हाथ से चाय छीनकर पीने लगती हैं और कहती हैं कि में बहुत परेशान हू, घर के लिए भी और काव्या के लिए भी. जिसको देखते हुए अनुज अनुपमा की तारीफ करने लगते हैं.
अनुज की जान खतरे में
आने वाले ऐपिसोड में दिखाया जाएगा कि अनुज मीटिंग के लिए अनुपमा को लेने जाते हैं लेकिन रास्ते में उनका भयानक एक्सीडेंट हो जाएगा. अनुपमा अनुज को बहुत फोन करेने की कोशिश करेंगी लेकिन उनके एक भी फोन न उठाने पर अनुपमा काफी घबरा जाती हैं.