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फिल्मी पर्दे पर हुई राजनीतिक हलचल, 2019 में पर्दे पर दिखे मनमोहन सिंह से PM मोदी तक

लोकसभा चुनाव के बीच फिल्मों में भी राजनीति की झलक देखने को मिली. साल 2019 में कई ऐसी फिल्में भी बॉलीवुड में रिलीज हुई जो पॉलिटिकल मुद्दों पर आधारित रही.

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2019 में कई फिल्में पॉलिटिकल मुद्दों पर आधारित रही 2019 में कई फिल्में पॉलिटिकल मुद्दों पर आधारित रही

साल 2019 में बॉलीवुड में कई फिल्में रिलीज हुई. इनमें से कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई. वहीं इस साल लोकसभा चुनाव के बीच फिल्मों में भी राजनीति की झलक देखने को मिली. साल 2019 में कई ऐसी फिल्में भी बॉलीवुड में रिलीज हुई जो पॉलिटिकल मुद्दों पर आधारित रही. आइए एक नजर डालते हैं 2019 की ऐसी ही कुछ फिल्मों पर.

द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर

इस साल 11 जनवरी को 'द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' फिल्म रिलीज हुई. यह फिल्म पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल पर आधारित थी. इस फिल्म में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का किरदार अनुपम खेर ने निभाया. लोकसभा चुनाव 2019 से पहले रिलीज हुई इस फिल्म को लेकर काफी राजनीति गरमाई. इस फिल्म में मुख्य तौर पर मनमोहन सिंह के पीएम रहते लिए गए फैसलों को दर्शाया गया है.

ठाकरे

साल 2019 में बाल ठाकरे के जीवन पर आधारित फिल्म 'ठाकरे' भी रिलीज हुई. फिल्म ठाकरे का आधा से ज्यादा हिस्सा ब्लैक एंड व्हाइट दिखाया गया है, लेकिन ठाकरे की इमेज पूरी फिल्म में व्हाइट ही दिखाई गई. फिल्म उन सभी सवालों का जवाब देती है, जिनसे बाल ठाकरे जीवनभर घिरे रहे. फिर चाहे वो लोकतंत्र में भरोसा न करने का उनका सिद्धांत हो, या फिर आपातकाल का समर्थन या फिर महाराष्ट्र में बाहरी लोगों पर बैन का सवाल. 25 जनवरी को रिलीज हुई फिल्म शुरू से ही यह तथ्य साफ कर देती है कि बाल ठाकरे को शिवसेना बनाने की जरूरत क्यों पड़ी? फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने बाल ठाकरे का किरदार निभाया है और अपने किरदार के साथ नवाजुद्दीन पूरा न्याय भी करते हैं.

द ताशकंद फाइल्स

12 अप्रैल 2019 को 'द ताशकंद फाइल्स' रिलीज हुई. फिल्म देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमयी मौत की गुत्थी को लेकर आधारित है. इस फिल्म के खिलाफ कांग्रेस ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सेंसर बोर्ड को भी खत लिखकर शिकायत की गई थी. लोकसभा चुनाव से पहले रिलीज हुई फिल्म को लेकर काफी बवाल मचा. ये एक मल्टीस्टारर मूवी है. जिसमें मिथुन चक्रवती, श्वेता बसु प्रसाद, पंकज त्रिपाठी, नसीरुद्दीन शाह, मंदिरा बेदी और पल्लवी जोशी लीड रोल में नजर आए. बता दें कि 10 जनवरी, 1966 को ताशकंद में पाकिस्तान के साथ शांति समझौते पर करार के महज 12 घंटे बाद ही (11 जनवरी) लाल बहादुर शास्त्री का अचानक निधन हो गया था. उनकी मौत की गुत्थी पर आज भी सवाल बना हुआ है.

पीएम नरेंद्र मोदी

लोकसभा चुनाव से पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित फिल्म 'पीएम नरेंद्र मोदी' रिलीज होने वाली थी. लेकिन फिल्म की रिलीज की टाइमिंग को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाया और शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद फिल्म लोकसभा चुनावों के बाद 24 मई को बड़े पर्दे पर रिलीज हुई. फिल्म को डायरेक्टर ओमंग कुमार ने बनाया है. पीएम नरेंद्र मोदी की जिंदगी के बारे में देश का लगभग हर नागरिक जान चुका है, ऐसे में फिल्म में कुछ नया देखने को नहीं मिला. फिल्म की कहानी पीएम मोदी के चाय बेचने से लेकर देशसेवा करने तक और फिर प्रधानमंत्री बनने तक के सफर को दिखाती है. विवेक ओबेरॉय ने पीएम नरेंद्र मोदी की बायोपिक को अपनी फिल्मों में कमबैक के लिए चुना. लेकिन उनकी अदाकारी फिल्म में निराश करने वाली रही.

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