विकी डोनर फेम एक्ट्रेस यामी गौतम और शुभ मंगल सावधान के निर्देशक आरएस प्रसन्ना ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ 2018 के अहम सत्र 'बॉलीवुड/ टॉलीवुड: रीमेक्स एंड रिइन्वेंशन्स' में शिरकत की. इस दौरान यामी ने बताया कि साउथ की फिल्मों में काम करने का उनका अनुभव कैसा रहा. इस सेशन को प्रीति चौधरी ने मॉडरेट किया.
फेमिनिज्म पर बोलते हुए यामी गौतम ने कहा- "ईमानदारी से कहूं तो मैं फेमिनिज्म की परिभाषा नहीं जानती. हम में से हर किसी के पास फेमिनिज्म की अपनी परिभाषा है. इसका मतलब दूसरे जेंडर पर हमला करना कतई नहीं है. जब आप जमीनी स्तर पर देखते हैं तो इसके मायने और जरूरतें बिल्कुल अलग होती हैं."
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आरएस प्रसन्ना ने फेमिनिज्म के सवाल पर कहा- "जो भी मेरी पत्नी कहती है, मैं उस फेमिनिज्म को फॉलो करता हूं." अपनी पहली हिंदी फिल्म शुभ मंगल सावधान के बारे में बात करते हुए प्रसन्ना ने कहा- "मैंने इसके लिए कोई रिसर्च नहीं की. मुझे पता था कि मेरी फिल्म सफल होगी, क्योंकि मैं फर्स्ट टाइम फिल्ममेकर था. मेरे पास ऐसे लोग नहीं थे, जो कहें कि ये चलेगी या नहीं. पहली बार में आपके पास खोने के लिए कुछ नहीं होता. हमने छोटे बजट की फिल्म बनाई, इसलिए ज्यादा कुछ खोने का खतरा नहीं था."
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यामी ने अपनी फिल्म विकी डोनर साइन करने को लेकर कहा कि इसकी स्क्रिप्ट बहुत अच्छी थी, इसलिए ये उन्हें पसंद आई. हर क्रिएटिव बंदा तत्काल इसे सुनने को राजी हो जाएगा. लोग इसके हर कैरेक्टर से कनेक्ट होते हैं. वे इन कहानियों में खुद को पाते हैं.