यूनिसेफ इंडिया ने अपने सोशल मीडिया कैम्पेन 'फेयर स्टार्ट' के तहत एक शॉर्ट फिल्म पेश की है. यह फिल्म उन बच्चों पर आधारित है जिनमें कुछ करने का जस्बा है लेकिन जीने और खाने के अभाव में उनका विकास नहीं हो पा रहा है.

इस फिल्म के जरिए उन लाखों बच्चों के दर्द को बयां किया गया है जिन्हें दो वक्त का खाना भी नसीब नहीं होता. वे बच्चे जो स्कूल नहीं जा पाते या फिर जिनका बचपन छीनकर कम उम्र में ही उनकी शादी करा दी जाती है.
इतना ही नहीं, इस वीडियो में उन बच्चों को भी दिखाया गया है जो तमाम सुख सुविधाओं के साथ जी रहे हैं. जिन्हें न सिर्फ अच्छा खाना बल्कि पढ़ाई लिखाई, खेल कूद की सारी सुविधाएं मिल रही हैं. वहीं, दूसरी ओर वे बच्चे भी हैं जो गरीब परिवार से होने के चलते इन सुविधाओं से वंचित हैं.

यूनिसेफ अपने इस कैम्पेन के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि हर बच्चे को प्रचूर मात्रा में पोषण, एजुकेशन, सफाई, सुरक्षा और हेल्थ केयर का पूरा अधिकार है. इस कैम्पेन के जरिए उन बच्चों की जिंदगी के प्रति लोगों को जागरुक किया जा रहा है जो इन तमाम चीजों की सुविधाओं के अभाव में जी रहे हैं. इस कैम्पेन का उद्देश्य हर बच्चे को जाति, धर्म और लिंग के आधार पर समानता का अधिकार दिलाना है.

आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में करीब 6.1 मिलियन बच्चे ऐसे हैं जो स्कूल नहीं जाते, वहीं 10 मिलियन बच्चे ऐसे हैं जो पढ़ाई लिखाई छोड़कर दुकान आदि पर काम में लगे हैं. 'फेयर स्टार्ट' फिल्म में उन बच्चों की भागीदारी शामिल है जो अपनी जिंदगी की कहानी को पर्दे पर लेकर आए हैं.
यहां देखें वीडियो: