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वास्तव के 20 साल: जिसने संजय दत्त के करियर को दिया था जीवनदान

इस वीडियो को शेयर करते हुए संजय दत्त ने लिखा, वास्तव के 20 साल सेलेब्रेट कर रहा हूं. ये फिल्म ऐसी है जिसने मुझे एक्टर होने का असल मायनों में एहसास कराया. संजय दत्त ने पोस्ट किए इस वीडियो में फिल्म का किरदार रघु अपनी मां से कहता है कि ये देखरेली है. असली है असली. पचास तोला, पचास तोला. कितना ? पचास तोला.

संजय दत्त सोर्स इंस्टाग्राम संजय दत्त सोर्स इंस्टाग्राम

संजय दत्त की फिल्म वास्तव को 20 साल पूरे हो चुके हैं. साल 1999 में रिलीज हुई इस फिल्म को महेश मांजरेकर ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म में एक बेरोजगार लोअर मिडिल क्लास की कहानी दिखाई गई थी जिसकी एक घटना के बाद जिंदगी बदल जाती है और वो मुंबई का एक खूंखार गैंगस्टर बन जाता है. वास्तव के साथ ही महेश मांजरेकर ने अपने डायरेक्शन करियर की शुरूआत की थी. इस फिल्म को संजय दत्त के करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार किया जाता है. संजय ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के सहारे वास्तव को लेकर एक पोस्ट किया है.

इस वीडियो को शेयर करते हुए दत्त ने लिखा, वास्तव के 20 साल सेलेब्रेट कर रहा हूं. ये फिल्म ऐसी है जिसने मुझे एक्टर होने का असल मायनों में एहसास कराया. संजय दत्त ने पोस्ट किए इस वीडियो में फिल्म का किरदार रघु अपनी मां से कहता है कि ये देखरेली है. असली है असली. पचास तोला, पचास तोला. कितना ? पचास तोला.

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Today marks 20 years of #Vaastav, a film which turned me into a better actor! Humbled by the love and appreciation I've received over the last 2 decades 🙏

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संजय दत्त के करियर की महत्वपूर्ण फिल्म है वास्तव

फिल्म का ये सीन आज भी कई सिनेमाप्रेमियों के लिए बेहद खास है. इस फिल्म का क्लाइमैक्स भी काफी प्रभावशाली है जहां संजय दत्त अपनी मां से मौत की गुहार लगाता है.  फिल्म वास्तव जेल से लौटने के बाद संजय दत्त की पहली हिट फिल्म थी. इस फिल्म ने कई मायनों में दत्त के करियर को लॉन्च किया था क्योंकि साल 1993 में जेल जाने के बाद वे कई फिल्मों में असफल साबित हुए थे. इसके कुछ सालों बाद मुन्नाभाई के तौर पर संजय एक और आइकॉनिक किरदार निभाने में कामयाब रहे थे.

इस फिल्म के तीन साल बाद इसका सीक्वल रिलीज़ हुआ था. इस फिल्म का नाम हथियार था और इस फिल्म में रघु के बेटे रोहित की कहानी को दिखाया गया था. साल 2002 में रिलीज हुई इस फिल्म में रोहित के तौर पर भी संजय दत्त दिखे थे लेकिन ये फिल्म वास्तव जैसा प्रभाव डालने में नाकामयाब रही थी. संजय दत्त को इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. इस फिल्म में संजय दत्त के अलावा रीमा लागू, नम्रता शिरोडकर, शिवाजी सत्यम, मोहनीश बहल, परेश रावल और आशीष विद्यार्थी जैसे सितारे नजर आए थे.

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