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Shri Krishna 26 May Episode: श्रीकृष्णा की कालिया नाग से लड़ाई, कंस की चालबाजी

रामानंद सागर की रामायण जिस तरह पूरे विश्व में सबसे लोकप्रिय धारावाहिक बनी उसी तर्ज पर अब डी डी नैशनल पर रोजाना रात 9 बजे से 10 बजे तक कृष्णा का प्रसारण हो रहा है. लेकिन अगर आप से लेटेस्ट एपिसोड छूट गया हो तो कोई चिंता मत कीजिए. आइए हम आपको बताते है कि मंगलवार के एपिसोड में क्या क्या हुआ.

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श्रीकृष्णा का एक सीन
श्रीकृष्णा का एक सीन

रामानंद सागर की रामायण जिस तरह पूरे विश्व में सबसे लोकप्रिय धारावाहिक बनी उसी तर्ज पर अब डी डी नैशनल पर रोजाना रात 9 बजे से 10 बजे तक कृष्णा का प्रसारण हो रहा है. लेकिन अगर आप से लेटेस्ट एपिसोड छूट गया हो तो कोई चिंता मत कीजिए. आइए हम आप को बताते है कि मंगलवार के एपिसोड में क्या क्या हुआ.

कृष्णा और कालिया नाग की लड़ाई

आज कृष्णा अपने मित्र के संग गेंद खेल रहे थे. खेल-खेल मे गेंद कृष्णा के हाथों से यमुना नदी में गिर जाती है. कृष्णा गेंद लाने के लिए पेड़ पर चढ़ कर छलांग लगाने जाते ही हैं कि तभी गांव का एक युवक कृष्णा को नदी में जाने से रोकता है. वह बताता है कि यह कालिया नाग का घर है. नाग बहुत ही जहरीला है लेकिन कृष्णा उनकी बातों की अनदेखी कर नदी मे छलांग लगा देते है.

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वहां पर उन्हें कालिया नाग की पत्नी मिलती है और वह कृष्णा को देख कर चौंक जाती है. वह सोचती है कि यह बालक अभी तक जीवित कैसे है. इस पर कालिया नाग के विष का प्रभाव ही नहीं पड़ा. तभी नागरानी कृष्णा से पूछती है कि बालक तुम यहां क्यों आए हो? कृष्णा बताते हैं कि यमुना में हमारी गेंद गिर गई है उसे ही लेने आया हूं. जवाब में नागरानी कहती है कि अरे बालक एक छोटे से गेंद के लिए क्यों अपने प्राण संकट में डाल रहे हो. कृष्णा कहते हैं कि आप हो ना मैया मेरी रक्षा के लिए और इस कालिया नाग ने अपने विष से पूरी यमुना को दूषित कर दिया है. आज इसे यमुना से निकालने आया हूं.

कालिया नाग आए कृष्णा की शरण में

इस सब घटनाक्रम के बीच ही कालिया नाग जाग जाता है और कहता है कि किसने मेरी निद्रा भंग की है. कालिया नाग कृष्णा को देख दंग रह जाता है कि यह अभी तक जीवित कैसे है. कृष्णा अपना परिचय देते हैं लेकिन कालिया नाग अपने घमंड के कारण भगवान कृष्ण को पहचान नहीं पाते हैं. कालिया नाग क्रोधित हो जाते हैं तभी नागरानी कृष्णा को माफ करने के लिए कहती हैं.. लेकिन कृष्णा कालिया नाग को कहते हैं कि तुम मेरे शरण में आ जाओ मैं तुम्हें माफ कर दूंगा.

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कालिया नाग नहीं मानते हैं और कृष्णा और कालिया नाग में बड़ी भयंकर लड़ाई होती है. कालिया नाग के सात फन कृष्णा को डस रहे हैं और कृष्णा उनसे अपने आप को बचा रहे हैं. दूसरी तरफ नंद बाबा और यशोदा का रो रो कर बुरा हाल है.

कालिया के फन पर नाचत कन्हैया

कालिया नाग के सिर पर कृष्णा अपने पांव रख देते हैं और कालिया नाग नहीं उठ पाता है. वह कृष्णा से माफी मांगता है. कृष्णा कालिया नाग को एक शर्त पर माफ करने की बात कहते हैं कि तुम यमुना छोड़ कर अपने रमण द्वीप वापस चले जाओगे. लेकिन कालिया नाग कृष्णा से कहते हैं कि वहां पक्षीराज गरुड़ रहते हैं और मैं उनके ही डर से यमुना आ गया था. कृष्णा कहते हैं कि अब चिंता मत करो. तुम्हारे सर पर मेरा पांव है. तुम्हारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकेगा. तुम अपने परिवार के साथ वापस रमण चले जाओ. कृष्णा कालिया नाग से ऊपर ले जाने के लिए कहते है. कालिया नाग के फन पर चढ़ कर नृत्य करते हैं

और तीनों लोक के देवता यह दृश्य देख कर आनंद ले रहे हैं.

कंस हुआ परेशान कृष्णा के चमत्कार से

गोकुल में जो भी कुछ हुआ उससे कंस काफी सोच मे पढ़ गया है जब उसे पता चला की कृष्णा कालिया नाग के फन पर नृत्य कर रहा था तभी कंस अपने मंत्री चांडुर से कहता है कि गोकुल में सैनिक भेज कर वहां पर आग लगवा कर देखो कोई भी प्राणी बच कर ना जा पाए. तभी चांडूर कंस को समझाता है कि ऐसी गलती करने से प्रजा का विरोध होना शुरु हो जाएगा. तभी कंस और चांडुर योजना बनाते है कि कृष्णा को यहां कैसे बुलाया जाए. कंस कहता है कि जब कृष्णा को देवकी और वसुदेव मृत्यु की सूचना मिलेगी उसके बाद कृष्णा जरूर आएगा और हम कृष्णा को हाथी के पैर तले कुचल कर मरवा देंगे. तभी कंस और चांडुर देवकी और वासुदेव को मारने जाते हैं लेकिन कंस जैसे ही तलवार निकालता तभी वहां पर शेषनाग जाते हैं और उनकी फूंक से कंस डर के वहां से भाग जाता है.

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स्वप्न में कैसे बलराम ने कंस से बचाई अपने माता पिता की जान

बलराम अपने स्वप्न में देवकी और वासुदेव की रक्षा कर रहे हैं. बलराम अपने स्वप्न में फूंक मार रहे हैं. यह देख बलराम की माता रोहिणी डर जाती है और बलराम को उठाने का प्रयास करती हैं. जब बलराम नहीं उठते तब रोहिणी यशोदा और नंद बाबा को बुलाती हैं, सभी लोग बलराम को देख डर जाते हैं. तभी बलराम के छोटे भाई कृष्णा आते हैं और घर वालों को बताते है कि बलराम कालिया नाग का स्वप्न देख रहे हैं. कृष्णा बलराम को उठाते है और कहते हैं कि जो डर था वह अब हठ गया है. तुम अब उठ जाओ तभी बलराम उठता है. यशोदा कहती हैं कि हमें अपने पुत्र को ले कर गुरुदेव के पास जाना चाहिए. सभी लोग आश्रम में पहुंचते है और गुरु देव कहते हैं कि कृष्णा का तुलादान होना चाहिए.

( कल देखिए कैसे कृष्णा का होगा तुलादान और कैसे कृष्णा तोड़ेगे इंद्र का घमंड )

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