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किसान आत्महत्या पर नाना पाटेकर का बयान, 'सिर्फ ऋण माफी से नहीं थमेगा सुसाइड, वो भ‍िखारी नहीं हैं'

नाना पाटेकर ने किसानों की आत्महत्या मामले पर आवाज उठाते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ ऋण माफी की जरूरत नहीं है. वे कोई भ‍िखारी नहीं हैं.

नाना पाटेकर नाना पाटेकर

पिछले कुछ समय से यौन उत्पीड़न आरोप के केस में फंसे एक्टर नाना पाटेकर एक बार फिर किसान लोन पर बयान देने को लेकर चर्चा में आ गए हैं. नाना पाटेकर ने हाल ही में आयोजित एक इवेंट में किसानों की बढ़ रही आत्महत्या मामले पर अपने विचार साझा किए हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ ऋण माफी से किसानों का सुसाइड मामला नहीं थमने वाला है. वे भ‍िखारी नहीं हैं.

दरअसल, बुधवार को चिंचवाड़ में कलारंग संस्था द्वारा संस्था की 21वीं सालगिरह का आयोजन किया गया था. इसमें नाना पाटेकर ने किसानों के ऋण माफी पर अपनी बात सामने रखी. उन्होंने कहा, 'अगर नेता पैसे नहीं देते हैं तो कोई बात नहीं. किसानों को सिर्फ ऋण माफी की जरुरत नहीं, बल्क‍ि उन्हें भावनात्मक सपोर्ट और सांत्वना की भी जरूरत है. हमें उनसे बात करनी होगी. सिर्फ ऋण माफ कर देने से कोई मदद नहीं मिलने वाली है. वे कोई भ‍िखारी नहीं हैं.'

नाना पाटेकर ने शरद पवार को बताया राजनीति का चाणक्य

कार्यक्रम में नाना पाटेकर ने नेशनल कांग्रेस पार्टी (NCP) चीफ शरद पवार की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, 'शरद पवार हमेशा उनके हीरो रहे हैं. वे भारतीय राजनीति के चाणक्य हैं.' पाटेकर ने गृहमंत्री अमित शाह को भी NAAM संस्था (सूखाग्रस्त क्षेत्र के किसानों के लिए काम रही संस्था) को मदद करने के लिए भी धन्यवाद कहा है. इसके अलावा उन्होंने महाराष्ट्र के बाकी नेतागणों का नाम लेते हुए उन्हें भी अपना दोस्त बताया. उन्होंने कहा, 'सभी पार्ट‍ियों में मेरे दोस्त हैं. चाहे वो शरद पवार हो, उद्धव ठाकरे या फिर देवेंद्र फडणवीस हों.'

इस अभ‍िनेत्री की वजह से बनें एक्टर

इस मौके पर नाना पाटेकर ने बॉलीवुड में अपने फिल्मी करियर के बारे में भी खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि बॉलीवुड में उन्होंने बीते जमाने की दिग्गज अभ‍िनेत्री स्म‍िता पाट‍िल के कहने पर ज्वॉइन किया था. नाना पाटेकर ने कहा, 'उन्होंने मुझसे कहा था कि मुझे एक बार में करोड़ों लोग देखेंगे. जबकि मुझे नाटक करना पसंद था...मुझे फिल्म पसंद नहीं था. मैं लोगों की मौजूदगी में परफॉर्म करना पसंद करता हूं. प्ले देखने वाले हर एक इंसान की आंखों में कैमरा होता है. कैमरे में भावनाएं कहां होती है.'

नाना पाटेकर ने अपने बीते दिनों को याद करते हुए बताया कि 13 साल की उम्र में ही उन्होंने काम करना शुरू कर दिया था. उन्होंने बताया, 'मैं रोज 16 किलोमीटर चलता था और दिनभर बस एक वक्त के खाने पर निर्भर रहता था. '. इस दौरान नाना पाटेकर ने यह भी कहा कि उन्होंने शायद कुछ लोगों को दुख भी दिया है. ऐसे लोगों को उन्हें सजा दें.

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