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वक्त पर नहीं मिली एम्बुलेंस, डिलीवरी के दौरान हुई एक्ट्रेस-नवजात बच्चे की मौत

पहले उन्हें रात के 2 बजे के आसपास गोरेगांव के प्राइमरी हेल्थ सेंटर में भर्ती किया गया. यहां उनके परिवार को सलाह दी गई कि उन्हें हिंगोली सिविल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाए.

पूजा जुंजर पूजा जुंजर

अक्सर इस तरह की खबरें आती हैं कि किसी प्रेग्नेंट महिला या गंभीर हालत वाले मरीज को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिल पाने के चलते उसकी मौत हो गई. ऐसी ही खबरें आई हैं मराठी एक्ट्रेस पूजा जुंजर के बारे में. 25 वर्षीय पूजा प्रेग्नेंट थीं और बच्चे को जन्म देने के दौरान उनकी मौत हो गई. उनकी मौत के चंद मिनट बाद ही उनके बच्चे की भी मौत हो गई. खबर ये है कि समय रहते एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी थी, जिसके चलते एक्ट्रेस और उनके नवजात बच्चे को जान गंवानी पड़ी.

खबर है कि उन्होंने रविवार की सुबह मुंबई से 600 किलोमीटर दूर हिंगोली जिले में अपने बच्चे को जन्म दिया. पहले उन्हें रात के 2 बजे के आसपास गोरेगांव के प्राइमरी हेल्थ सेंटर में भर्ती किया गया. यहां उनके परिवार को सलाह दी गई कि उन्हें हिंगोली सिविल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाए. रिपोर्ट के मुताबिक उनका परिवार कई घंटों तक एम्बुलेंस के लिए परेशान होता रहा.

किसी तरह उन्होंने एक प्राइवेट एम्बुलेंस का प्रबंध किया हालांकि एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाने के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, "प्राइमरी हेल्थ सेंटर के डॉक्टर्स ने मिस जुंजर के परिवार को सलाह दी कि वे उन्हें हिंगोली सिविल अस्पताल में शिफ्ट कर लें जो कि गोरेगांव से 40 किलोमीटर दूर है. परिवार के परेशान लोग काफी देर तक एम्बुलेंस के लिए परेशान होते रहे."

क्या है परिवार का आरोप?

जानकारी के मुताबिक किसी तरह उन्होंने एक प्राइवेंट एम्बुलेंस की व्यवस्था की लेकिन दूसरे अस्पताल ले जाने के दौरान उनका निधन हो गया. परिवार का आरोप है कि यदि समय पर एम्बुलेंस मिली होती और पूजा को अस्पताल पहुंचने में मदद की होती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी. दो मराठी फिल्मों में काम कर चुकीं पूजा ने फिल्मों से ब्रेक लिया था और अपनी प्रेग्नेंसी पर ध्यान दे रही थीं.

इंडिया टुडे के साथ बातचीत में डिस्ट्रिक हेल्थ ऑफिस हंगोली के डॉक्टर शिवाजी पवार ने बताया, "पेशेंट पहले 11 अक्टूबर को गोरेगांव प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर आई क्योंकि 33 हफ्ते की प्रीमैच्योर प्रेग्नेंसी में उसे लेबर पेन होने लगा था." शिवाजी ने बताया कि क्योंकि उन्हें कम वजन, लो हीमोग्लोबिन जैसी दिक्कतें थीं इसलिए हमने उन्हें हिंगोली के सिविल अस्पताल में रेफर कर दिया. तीन दिन के इलाज के बाद पूजा को 13 अक्टूबर को डिसचार्ज कर दिया गया था.

19 अक्टूबर को पूजा फिर से गोरेगांव प्राइमरी हेल्थ सेंटर में एडमिट हुईं और डॉक्टर शकील पठान उनका इलाज कर रहे थे. क्योंकि ये एक प्रीमैच्योर डिलीवरी केस था इसलिए उन्होंने पूजा को हिंगोली के सिविल अस्पताल में रेफर कर दिया. 34 हफ्ते की प्रेग्नेंसी में रात के 10.30 बजे पूजा को हिंगोली ले जाने की बात डॉक्टर पठान ने कही. पूजा के परिवार ने 108 एंबुलेंस मंगवाने की कोशिश की लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

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