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वोट का सवाल है बाबा, गली गली ऐसे वोट मांग रहे हैं हंसराज हंस

हंसराज हंस अपना नामांकन भर चुके हैं और पिछले कई दिनों से प्रचार में जुटे हुए हैं. भगवा वस्त्र धारण किए वे गांव-गांव में जाकर लोगों से मिल रहे हैं और लोगों का अपने संगीत के द्वारा दिल जीतने की कोशिश भी कर रहे हैं.

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हंसराज हंस
हंसराज हंस

दिल्ली में आम चुनाव की सरगर्मियां तेज होते ही प्रचार प्रसार भी तेज हो चुका है. पीएम मोदी ने आज आम चुनावों के मद्देनजर दिल्ली में अपनी पहली रैली भी की जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी पर कई आरोप लगाए. दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच मुकाबला है. बीजेपी और कांग्रेस ने दिल्ली में कई सेलेब्स को टिकट दिया है. जहां बीजेपी से गौतम गंभीर और हंसराज हंस जैसे सेलेब्स को मौका मिला है वहीं कांग्रेस ने बॉक्सर विजेंद्र सिंह को टिकट दिया है. बीजेपी ने सांसद उदित राज का टिकट काटकर मशहूर सूफी गायक हंसराज हंस को उत्तर पश्चिम दिल्ली से उतारा है.

हंसराज हंस अपना नामांकन भर चुके हैं और पिछले कई दिनों से प्रचार में जुटे हुए हैं. भगवा वस्त्र धारण किए वे गांव-गांव में जाकर लोगों से मिल रहे हैं और लोगों का अपने संगीत के द्वारा दिल जीतने की कोशिश भी कर रहे हैं. हंसराज हंस कह चुके हैं कि वे खेती मजदूरी वाले क्षेत्र से आते हैं और उन्हें पकी पकाई चीज़ें नहीं मिली हैं बल्कि वे संगीत के जरिए दुनिया को जीतने में कामयाब रहे हैं.

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हंसराज ने अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत शिरोमणी अकाली दल से की थी. वह साल 2009 में जालंधर लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़े थे पर उसमें उनकी हार हुई थी. इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन भी थामा और अब वे 2016 के बाद से बीजेपी में ही हैं.

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गौरतलब है कि हंसराज हंस कुछ समय पहले सुर्खियों में आए थे. उन्होंने एक इंटरव्यू में पाकिस्तान और बांग्लादेश के इतिहास को लेकर अनभिज्ञता दिखाई थी जिसके चलते उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल भी किया जा रहा है.  कई लोगों का मानना है कि जब हंसराज को अपने पड़ोसी देशों को लेकर बेसिक जानकारी तक नहीं है तो आखिर कैसे ये लोग लोकसभा चुनाव जीतकर एमपी की महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. वही कुछ ने कहा था कि अगर उन्हें देश की सुरक्षा और इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का ही ज्ञान नहीं है तो वे चुनाव जीतना डिजर्व नहीं करते हैं. गौरतलब है कि 12 मई को दिल्ली में वोटिंग होगी.

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