अपनी फिल्म वन डे: जस्टिस डिलीवर्ड की रिलीज के बाद बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा गुप्ता अपने दोस्तों संग पार्टी करने निकली थीं. तभी उनकी रात ने एक अलग ही मोड़ ले लिया. ईशा अपने दोस्तों के साथ समय बिताने गई थीं जब उन्होंने एक रोहित विग नाम के एक होटेलियर को अपने साथ बुरा व्यवहार करने के लिए लताड़ा. ईशा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जताते हुए पोस्ट लिखा और बताया कि कैसे आदमी ने उनके साथ पब्लिक में बदतमीजी की. ईशा ने ये तक कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वो आदमी उनका आंखों से रेप कर रहा था.
इसके आगे ईशा गुप्ता ने बताया कि रोहित विग नाम के इस आदमी की बॉडी लैंग्वेज उन्हें खराब और असुरक्षित महसूस करवाने के लिए काफी थी. ट्विटर पर ईशा ने मैसेज पोस्ट कर बताया कि अगर उन्हें इतना असुरक्षित महसूस हो रहा है तो दूसरी लड़कियां कैसे खुलकर अपने घर से बाहर जा सकती हैं. इसके अलावा उन्होंने कहा कि रोहित जैसे लोगों को कड़ा सबक सिखाना चाहिए.
If a woman like me can feel violated and unsafe in the county, then idk what girls around feel. Even with two securities around I felt getting raped.. #RohitVig you’re a swine.. he deserves to rot
— Esha Gupta (@eshagupta2811) July 5, 2019
Men like Rohit vig, are the reason women don’t feel safe any where. You around me with your eyes and stares was enough
— Esha Gupta (@eshagupta2811) July 5, 2019
इसके अलावा ईशा ने वीडियो भी पोस्ट किया और बताया कि कैसे वो आदमी उन्हें असहज महसूस करवा रहा था. आदमी को सिक्योरिटी ने 3 बार ढंग में रहने के लिए कहा जब वो नहीं माना तो उसे बाहर निकाल दिया गया और ईशा के साथ दो सिक्योरिटी गार्ड रखे गए. उन्होंने ये भी बताया कि यहां तक कि होटल के सिक्योरिटी कैमरा में भी इस बात का सबूत मौजूद है कि आदमी की हरकतें बुरी थीं. उन्होंने इस आदमी को लोगों की मदद से ढूंढ निकाला और बताया कि आदमी का नाम रोहित है और वो गोवा के सेंट रेगिस का मालिक है. इसके अलावा उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट में लिखा कि कैसे ऐसे आदमियों को पब्लिक में व्यवहार करना नहीं आता और सीखने की जरूरत है.
ईशा की इस पोस्ट पर बहुत से लोगों ने उनपर अपनी फिल्म के प्रचार के लिए ऐसा विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया. ईशा ने ऐसे लोगों की बातों का जवाब देते हुए महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि बात एक सेलिब्रिटी होने की नहीं है. कोई कैसे अपने आप को कानून से बड़ा समझ सकता है. क्या आपको लगता है कि महिलाओं को कहीं भी सुरक्षित रहने का अधिकार नहीं है.