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कुछ ऐसे थे बड़े गुलाम अली खान के गुरु उस्ताद आशिक अली खान

10 मार्च वह मनहूस तारीख है जब इस दुनिया-ए-फानी से संगीत का एक महारथी कूच कर गया. उस्ताद आशिक अली खान संगीत की दुनिया के एक अनमोल नगीने थे. यह खिताब उन्हें सिर्फ अपनी बेमिसाल आवाज की बदौलत नहीं मिला बल्कि इसमें उनके शिष्यों का भी हिस्सा है.

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उस्ताद आशिक अली खान
उस्ताद आशिक अली खान

10 मार्च वो मनहूस तारीख है जब इस दुनया-ए-फानी से संगीत का एक महारथी कूच कर गया. उस्ताद आशिक अली खान संगीत की दुनिया के एक अनमोल नगीने थे. यह खिताब उन्हें सिर्फ अपनी बेमिसाल आवाज की बदौलत नहीं मिला बल्कि इसमें उनके शिष्यों का भी हिस्सा है. पटियाले घराने से जुड़े आशिक अली खान के पिता उस्ताद फतेह अली खान भी पटियाला घराने से संबंध रखते थे. उनके पिता अपने जमाने के मशहूर अल्लू-फत्तू जोड़ी का हिस्सा थे.

सुनिए, उस्ताद आशिक अली खान की बेमिसाल आवाज

उस्ताद आशिक अली खान साहब पूरे भारतीय उप महाद्वीप में काफी मशहूर थे. उनके शिष्य संगीत की दुनिया के महान धुरंधर बने. उनके शागिर्दों में बड़े गुलाम अली खान, मोहम्मद हुसैन, फरीदा खानम और जाहिदा परवीन शामिल हैं. उस्ताद आशिक अली खान 10 मार्च 1948 को इंतकाल फरमा गए.

 

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