अप्रैल मई की गरमी में छोटे बजट की रोचक फिल्मों की फुहारें दर्शकों का मन रिझने के लिए तैयार हैं. दरअसल, बड़े बजट की फिल्मों के निर्माता विश्व कप और आइपीएल की कैंची के बीच में फंसना नहीं चाहते थे.
देखा जाए तो अप्रैलमई में आइपीएल का बोलबाला रहेगा और बड़े बजट की फिल्मों के लिए जून को इस उम्मीद के साथ शुभमुर्त माना जा रहा है कि गरमी की बचीखुची छुटि्टयों का लुत्फ उठाने के लिए दर्शक सिनेमाघरों की ओर रुख करेंगे. इसीलिए जून में रेडी, डबल धमाल, जिंदगी न मिलेगी दोबारा जैसी कई बड़ी फिल्में रिलीज हो रही हैं.
फिल्म विश्लेषक कोमल नहाटा कहते हैं, ''छोटी फिल्मों के रिलीज होने की टाइमिंग सही है क्योंकि इन फिल्मों को क्रिकेट से ज्यादा खतरा बड़ी फिल्मों से है.'' अप्रैल से लेकर मई के अंत तक छोटी फिल्मों की जबरदस्त आवक रहेगी. जिसमें 3 थे भाई, आइ एम, चलो दिल्ली, भिंडी बाजार इंक, शागिर्द, रागिनी एमएमएस और हैपी सरीखी फिल्मों के नाम प्रमुखता से लिए जा सकते हैं.
छोटे बजट की ये फिल्में किसी मायने में कम नहीं हैं क्योंकि इनमें कॉमेडी, हॉरर, थ्रिलर और एक्शन का बोलबाला है. छोटी फिल्मों के निर्देशक और कलाकार बड़े तथा नामचीन हैं. इनमें से एक 3 थे भाई के निर्माता राकेश ओमप्रकाश मेहरा हैं जिनकी रंग दे बसंती एक यादगार फिल्म है. यह क्रिकेट विश्व कप का ही दबाव था, जिस कारण 1 अप्रैल को रिलीज होने वाली 3 थे भाई को 15 अप्रैल को रिलीज करने का फैसला लिया गया. {mospagebreak}
मेहरा कहते हैं, ''विश्व कप को लेकर देश में एक जुनून रहता है, इसलिए हमने आइपीएल सीजन में फिल्म रिलीज करने का मन बनाया.'' कश्मीर के गुलमर्ग में शूट हुई यह फिल्म तीन भाइयों की कहानी है जो एक दूसरे को पसंद नहीं करने के बावजूद एक शर्त के कारण करीब आते हैं. फिल्म में मुख्य किरदारों में ओम पुरी, श्रेयस तलपदे, दीपक डोबरियाल और टीवी कलाकार रागिनी खन्ना नजर आएंगे.
इस फिल्म के निर्देशक मृगदीप सिंह लांबा बताते हैं कि फिल्म कॉमेडी होने के साथ ही भाईचारे का संदेश भी लिए हुए है. वे कहते हैं, ''पूरी फिल्म बर्फ में शूट हुई है. संवादों में नॉर्थ का तड़का है. फिल्म में जबरदस्त पागलपंती देखने को मिलेगी.'' फिल्म के बजट के बारे में मेहरा बताते हैं, ''7.65 करोड़ रु. के बजट से बनी यह फिल्म अपने सैटेलाइट और अन्य राइट्स के जरिए अब तक 5.5 करोड़ कमा चुकी है.''
माय ब्रदर...निखिल जैसी चर्चित और कई पुरस्कार जीतने वाली फिल्म के निर्देशक ओनिर समाज के कुछ अनछुए पहलुओं को फिल्म आइ एम में समेटकर ला रहे हैं. 22 अप्रैल को रिलीज हो रही आइ एम कई मायनों में नयापन लिए हुए है.
सबसे पहली बात यह है कि इस फिल्म के लिए पैसा जुटाने को ओनिर ने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के जरिए आर्थिक मदद की अपील की थी और योगदान करने वालों के लिए फिल्म के को प्रॉड्यूसर की पेशकश की थी. बस, इस पर अमेरिका, नाइजीरिया और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों के 47 शहरों के 400 लोगों ने लगभग एक करोड़ रु. का योगदान किया.{mospagebreak}
ओनिर बताते हैं, ''हमें सबसे पहले 1,000 रु. मिले. कई लोगों ने पैसे दिए, कुछ वॉलंटियर बने और कुछ ने लंच तक स्पॉन्सर किया.'' यही नहीं, फिल्म के कलाकार जुही चावला, पूरब कोहली और अनुराग कश्यप ने फिल्म के लिए फीस नहीं ली है और मनीष मल्होत्रा समेत कई फैशन डिजाइनरों ने फ्री में फिल्म के लिए कॉस्ट्यूम उपलब्ध कराए.
ओनिर कहते हैं, ''आइ एम में चार शॉर्ट फिल्में उमर, आफिया, अभिमन्यु और मेघा शामिल हैं. चारों कहानियों के अलग होते हुए भी इनके चरित्र एक दूसरे से जुड़े हैं.'' अभिमन्यु बचपन के यौन उत्पीड़न से जुड़ी है तो उमर समलैंगिक अधिकारों पर है, मेघा कश्मीरी पंडितों पर है और आफिया एक अकेली औरत की कहानी है जो स्पर्म डोनेशन के जरिए मातृत्व का सुख पाना चाहती है.
यह फिल्म देश विदेश में विभिन्न फिल्म समारोहों में शिरकत कर चुकी है और कई सम्मान अपने नाम कर चुकी है. ओनिर बताते हैं, ''फिल्म लोगों के आत्म सम्मान और अपनी खुशी से जीने के संघर्ष को बयान करती है.''
इसी तरह 29 अप्रैल को रिलीज हो रही चलो दिल्ली एकदम नई स्टारकास्ट लिए हुए है. फिल्म में लारा दत्ता और विनय पाठक एक साथ दिखेंगे. यही नहीं, फिल्म को महेश भूपति के बिग डैडी प्रोडक्शंस और लारा दत्ता के भीगी बसंती प्रोडक्शन ने इरोज इंटरनेशनल के साथ मिलकर प्रॉड्यूस किया है. {mospagebreak}
दसविदानिया जैसी संवेदनशील फिल्म से पहचान बना चुके फिल्म निर्देशक शशांत शाह की मानें तो यह फिल्म अलग अलग दुनिया से ताल्लुकात रखने वाले दो लोगों की कहानी है, जिनके जरिए असली भारत और उसके भांति भांति के लोगों को दिखाने की कोशिश की गई है.''
फिल्म का संगीत चार संगीत निर्देशकों ने तैयार किया है. फिल्म के बजट के बारे में इरोज इंटरनेशनल के चीफ क्रिएटिव ऑफिसर राम मीरचंदानी बताते हैं, ''चलो दिल्ली 5 करोड़ रु. के बजट में बनी है, क्योंकि हम एक सफल फिल्म चाहते थे.'' मजेदार यह कि किरदार की मांग के चलते फिल्म के लिए पाठक को अपना वजन 12 किग्रा बढ़ाना पड़ा है. शाह कहते हैं, ''चलो दिल्ली एक मस्ती भरा सफर है, जिसमें एक बेमेल जोड़ी है, और सफर रोमांच, पागलपन और हंसी की बौछार से सराबोर है.''
दूसरी ओर, लव, सेक्स और धोखा के बाद एकता कपूर रागिनी एमएमएस नाम से हॉरर फिल्म लेकर आ रही हैं. 17 दिन में शूट हुई यह फिल्म 13 मई को रिलीज हो रही है. इसी तरह 6 मई को तिग्मांशु धूलिया की एक्शन थ्रिलर शागिर्द सिनेमाघरों में होगी, जिसमें लंबे समय बाद नाना को एक सिरफिरे पुलिस अधिकारी की भूमिका में देखा जाएगा.
इन सबके बीच एक और फिल्म जो ध्यान खींचती है, वह भावना तलवार की हैपी है. फिल्म धर्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकीं तलवार इस बार कॉमेडी के जरिए दर्शकों के बीच होंगी. वे बताती हैं, ''फिल्म में कहानी कहने का ढंग चार्ली चैपलिन स्टाइल का है. यह मुंबई के एक ऐसे आदमी की फिल्म है जिसकी जरूरतें बहुत थोड़ी हैं.''{mospagebreak}
बेशक फिल्म किन्हीं कारणों से दो साल से रिलीज के लिए अटकी पड़ी थी लेकिन तलवार फिल्म को पूरी तरह से प्रासंगिक मानती हैं. फिल्म में हंगेरियन सिंफनी ऑर्केस्ट्रा का इस्तेमाल किया गया है, जिसके बारे में तलवार कहती हैं, ''सिंफनी कमाल की है और इलया राजा का संगीत भी दर्शकों को खूब भाएगा.''
बेशक छोटी फिल्मों के लिए यह उपयुक्त समय हो सकता है लेकिन पिछले साल बड़ी फिल्मों के साथ छोटी फिल्मों के कॉम्बिनेशन को सफल होते देखा गया था. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह रुझान फिल्म निर्माताओं के लिए कितना फायदे का सौदा रहता है.