scorecardresearch
 

वो 5 बातें जिसकी वजह से तारक मेहता का उल्टा चश्मा ने लोगों पर किया जादू

11 सालों के बावजूद तारक मेहता का उल्टा चश्मा मजबूती से खड़ा हुआ है. शो का चार्म बरकरार है. लेकिन ऐसा क्यों है. आइए जानते हैं उन 5 वजहों को जो शायद इस शो की लोकप्रियता की बड़ी वजहें हैं.

दिलीप जोशी और मुनमुन दत्ता दिलीप जोशी और मुनमुन दत्ता

जब कोई शो शुरू होता है तो उसकी सक्सेस का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल होता है, बस शो से उम्मीदें की जा सकती हैं कि वो हिट हो जाए. लेकिन अगर कोई शो सुपरहिट हो जाए और सालों तक दूसरे शोज को चुनौती दे तो मेकर्स के लिए इससे बड़ी खुशी की बात कोई और हो ही नहीं सकती.

ऐसा ही कारनामा गिने चुने शोक ने किया है. इन्हीं में से एक है 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा'. एक फैमिली बेस्ड शो जिसने लोगों के दिलों में अपनी एक खास जगह बना ली है. 11 सालों के बाद भी शो उतनी ही मजबूती से खड़ा हुआ है. शो का चार्म बरकरार है. लेकिन ऐसा क्यों है. तो आइए जानते हैं उन 5 वजहों को जो शायद तारक मेहता का उल्टा चश्मा की लोकप्रियता के पीछे है.

रियलिस्टिक

तारक मेहता का उल्टा चश्मा की स्टोरी लाइन बेहद ही प्योर और रियलिस्टिक सी है. लोगों को ये शो कनेक्ट करता है. इस शो में डेली शोप की तरह सास बहू ड्रामे को जगह नहीं दी गई है. रोजमर्रा के जिंदगी की हर छोटी-छोटी चीज को इतने सामान्य तरीके से परोसा जाता है, लगता है मानो ये सब हमारे ही किसी फैमिली मेंबर के साथ हो रहा है. आज के दौर में लोग ड्रामे की बजाय अच्छा और वास्तविक लगाने वाले कंटेट की तरफ रुख कर रहे हैं. ऐसे में ये शो लोगों को अच्छे से कनेक्ट करता है.

सोशल मैसेज

तारक मेहता का उल्टा चश्मा की सबसे खास बात ये है कि शो में सोशल मैसेज पर फोकस किया जाता है. लगभग उनके हर प्लॉट का अंत किसी ना किसी सोशल मैसेज पर ही होता है. हंसी मंजाक के सहारे किसी सोशल मैसेज को लोगों तक बिना किसी फजीहत के पहुंचाना इस शो की यूएसपी भी है. शो की स्टोरीलाइन इतनी मजबूत है कि सीरियल से कोई कैरेक्टर आए या जाए इससे शो की टीआरपी पर कुछ खास फर्क नहीं पड़ता है.

ये कहना गलत नहीं होगा कि एक बार जब कोई इस शो जुड़ता है इससे दिल वाला रिश्ता बन जाता है.

फैमिली बेस्ड शो

कॉम्पिटिशन की रेस में अक्सर फैमिली बेस्ड शो पिछड़ जाते हैं. मगर तारक मेहता ने इसे ही अपना हथियार बनाया और बाकी शोज को पछाड़कर अपनी पहचान बनाई. फैमिली बेस्ड कंटेंट होने की वजह से इस शो को पूरा परिवार एकसाथ बैठकर देख सकता है. ये शो हर जेनरेशन को हिट करता है. बच्चे हों या बुजुर्ग हर जेनरेशन के साथ बैठकर इस शो को देखा जा सकता है. इसी कारण ये शो लोगों को दिलों में राज कर रहा है.

अच्छी स्टारकास्ट

किसी भी शो के लिए स्टारकास्ट का अच्छा और मजबूत होना बेहद जरूरी होता है. इस सीरियल के कितने सारे कैरेक्टर 11 सालों से बने हुए हैं. हर कोई अपने-अपने कैरेक्टर में ऐसे रम गया है जैसे वो किरदार बस उन्हीं के लिए बना है. इतनी बड़ी स्टारकास्ट होने के बाद भी हर किरदार को मेकर्स पूरी तवज्जो देते हैं, जिसकी वजह से हर किरदार बेहद पॉपुलर है. हर कैरेक्टर इस शो की जान है.

सभी स्टार्स से दर्शक इतना जुड़ चुके हैं कि दूसरे किसी स्टार को उस कैरेक्टर में देख नहीं सकते है. इसी के चलते की बार मेकर्स को जो स्टार्स छोड़कर चले गए उन्हें वापस लाना पड़ा. जैसे रोशन सिंह सोढ़ी और उनकी पत्नी का किरदार.

कॉमेडी का हल्का-फुल्का पुट

तारक मेहता का उल्टा चश्मा का स्लोगन है 'हंसते रहो, खुश रहो.' ये शो इस स्लोगन पर पूरी तरह खरा उतरता है. छोटे-छोटे सीन में कॉमेडी का तड़का ऐसे लगया जाता है कि लोग हंसने को मजबूर हो जाते हैं. जेठालाल से लेकर चंपकलाल तक हर किरदार की कॉमेडी की टाइमिंग परफेक्ट है.

देखना दिलचस्प होगा कि तारक मेहता का उल्टा चश्मा आने वाले दिनों में लोगों के दिलों में अपनी जगह बरकरार रख पाएगा.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें