1950 में मसूरी में जन्मे मशहूर अभिनेता टॉम ऑल्टर का शुक्रवार रात मुंबई स्थित उनके घर पर निधन हो गया. टॉम ने शुरुआती पढ़ाई मसूरी के वुडस्टॉक स्कूल से की और इसके बाद येल यूनिवर्सिटी गए. 70 के शुरुआती दशक में वह भारत लौट आए। इसके बाद उन्होंने यहां के पुणे स्थित फिल्म ऐंड टेलिविजिन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से भी पढ़ाई की. मगर भारत में किसी शहर से उनका सबसे ज्यादा लगाव रहा था, तो वह थी दिल वालों की दिल्ली. अपने कई इंटरव्यूज में उन्होंने इस बात का जिक्र किया. दिल्ली से जुड़े उनके कई दिलचस्प किस्से हैं.
द हिंदू अखबार को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि मसूरी में रहते हुए दिल्ली उनके लिए माउंट एवरेस्ट की तरह था. वजह ये थी कि मसूरी से दिल्ली पहुंचना उनके लिए काफी मुश्किल हो जाता था. इसी वजह से एक बार उनके पापा और अंकल ने उन्हें चैलेंज भी दिया था.
उन्हें कहा गया था कि अगर वो मसूरी से दिल्ली साइकिल पर जाते हैं और 24 घंटे से पहले पहुंचते हैं, तो उन्हें तीन रुपये मिलेंगे. ये 1966 का दौर था, जब तीन रुपये आज के तीन सौ रुपये के बराबर होते थे. इंटरव्यू में टॉम ने बताया कि किस तरह वह अपने एक दोस्त के साथ सुबह 6.30 बजे मसूरी से निकले और रात को साढ़े नौ बजे दिल्ली पहुंचे.
टॉम के अनुसार उस दिन उन्होंने दिल्ली में खूब मस्ती की थी. पहले वह सिनेमा
देखने गए. फिर उन्होंने मटन बिरयानी खाई और फिर वो टैक्सी से वापस आए थे.
1969 में उनका परिवार दिल्ली ही शिफ्ट हो गया था. वह यहां 11 साल तक रहे.
लेकिन इससे पहले उन्होंने कई बार मसूरी से दिल्ली का सफर तय किया.
कभी वह अपने पसंदीदा खिलाड़ियों का मैच देखने यहां आते, कभी फिल्म देखने.
टॉम ऑल्टर राजेश खन्ना के बड़े फैन थे. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह राजेश खन्ना की फिल्म का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने अक्सर मसूरी से दिल्ली आते थे. उन्होंने यहां के कनॉट प्लेस स्थित रीगल सिनेमा में राजेश खन्ना की आनंद, दुश्मन और अमर प्रेम जैसी कई फिल्मों के फर्स्ट शो देखे.