शशि कपूर का 79 वर्ष की उम्र में मुंबई में निधन हो गया. बहुत कम लोगों को इस बारे में पता है कि शशि कपूर और जेनिफर के दो बेटे और एक बेटी हैं. उनके दोनों बेटों ने भी एक्टिंग में हाथ आजमाया लेकिन उन्हें वैसी कामयाबी नहीं मिली जैसी कपूर खानदान में उनके दूसरे समकक्षों को मिली. करण कपूर और कुणाल कपूर ने बॉलीवुड की कुछ फिल्मों में काम भी किया. काफी दिनों बाद करण कपूर ने एक इंटरव्यू में बताया कि आखिर क्यों वो बॉलीवुड में फ्लॉप साबित हुए? आइए जानते हैं कि करण क्यों फ्लॉप हुए और आजकल क्या काम कर रहे हैं...
करण कपूर ने 'सल्तनत' (1986) से बॉलीवुड डेब्यू किया था. इस फिल्म से जूही चावला ने भी डेब्यू किया था. करण की एक और एक्शन फिल्म आई थी, 'लोहा'. ये मल्टी स्टारर फिल्म थी जिसमें धर्मेंद्र और शत्रुघ्न जैसे सितारे भी थे. लेकिन इन दो फिल्मों के बावजूद करण बॉलीवुड में स्थापित नहीं हो पाए. बाद में उन्होंने अपना प्रोफेशन बदल लिया और फोटोग्राफी करने लगे. फोटोग्राफी में उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवॉर्ड हासिल किए हैं. अब वो इंडिया से बाहर रहते हैं. साल में कभी-कभार ही भारत आते हैं.
करण को बॉम्बे डाइंग मैन के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने करीब 20 साल तक इसके एड में काम किया. पिछले साल एक इंटरव्यू में करण ने अपने करियर और फ़िल्में फ्लॉप होने के बारे में काफी बातें की थीं.
पिछले साल एक सवाल के जवाब में करण ने कहा था, 'मुझे फिल्मों में रुचि थी, लेकिन ये एक अच्छा अनुभव नहीं रहा.' पिता शशि कपूर की तरह करण का भी मानना था कि उनके लुक की वजह से हिंदी सिनेमा की ऑडियंस ने उन्हें पसंद नहीं किया. उन्होंने कहा था, 'उस वक्त मैं दिखने में बहुत ज्यादा भूरा (blonde) था. मुझे भाषा की भी दिक्कत थी.' करण के दो किशोर बेटे हैं, जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने आपकी फ़िल्में देखी है, करण ने बताया था. हां. दोनों ने सल्तनत और लोहा की क्लिप देखी है. वो हंसते हैं.' फिल्मों में वापसी के सवाल पर करण ने कहा वो ऐसा करना चाहेंगे, हालांकि वो नहीं जानते कि लोग उन्हें देखना पसंद करेंगे या नहीं.
राज जी के निधन के बाद 1988 में करण यूके चले गए थे. राज कपूर खुद ऐसा चाहते थे. इसके बाद वो हर साल कम से कम एक बार दिसंबर में बॉम्बे डाइंग का शूट करने मुंबई में आते थे. बॉम्बे डाइंग का एड 1984 में शुरू हुआ था और इसका आख़िरी कॉमर्शियल 1998 में शूट हुआ था.
करण कपूर अब मशहूर फोटोग्राफर हैं और अपने वर्तमान को लेकर संतुष्ट हैं. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, 'जब मैं किशोर था तब मेरी रुचि फिल्मों से ज्यादा फोटोग्राफी में थी. मुझे लगता है जो मैं चाहता था वो मैंने हासिल कर लिया है.' बताते चलें कि करण कपूर ने PDN वार्षिक, अमेरिकन फोटोग्राफी, इंटरनेशनल फोटोग्राफी अवॉर्ड, प्रिक्स डे ला फोटोग्राफिया, ब्लैक एंड व्हाईट स्पाइडर्स कप जैसे मशहूर अवॉर्ड हासिल किए हैं.
करण कपूर की मां एग्लो इंडियन थीं. वो विदेशी की तरह दिखते हैं. करण पिता शशि कपूर के निधन के वक्त इंडिया से बाहर थे. वो मुंबई वापस लौट रहे हैं.