लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ने शानदार जीत दर्ज की. इस बीच कई रिकॉर्ड्स भी टूटे. दक्षिण के सिनेमा और हिंदी सिनेमा की 220 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुकीं एक्ट्रेस सुमनलता अंबरीश ने भी इन चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है.
सुमनलता ने मार्च 2019 में घोषणा की थी कि वे मंड्या से निर्दलीय लोकसभा चुनाव लड़ने जा रही हैं. उन्होंने जेडीएस के प्रत्याशी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बेटे निखिल कुमारस्वामी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया था. बीजेपी ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया और उन्हें सपोर्ट करने का फैसला किया. उन्होंने निखिल को एक लाख से ज्तादा वोटों से हराया.
सुमनलता और निखिल के बीच इस सीट पर कड़ी टक्कर देखने को मिली थी. सुमनलता के पति की पिछले साल मौत हो जाने के बाद उनके हिस्से सहानुभूति फैक्टर भी आया. सुमनलता के पति भी इस क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी से तीन बार सांसद रह चुके हैं.
चूंकि सुमनलता काफी स्ट्रॉन्ग प्रत्याशी थीं इसलिए उन पर जेडीएस पार्टी उन पर अवसरवादी होने के आरोप भी लगाए. हालांकि कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के कई सितारों ने उन्हें सपोर्ट किया. कई दलित, आदिवासी और महिला संगठनों ने भी उनका समर्थन किया. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने एक्टर्स दर्शन और यश का करियर खत्म करने की धमकी भी दी थी क्योंकि वे काफी एक्टिव रूप से सुमनलता का प्रचार कर रहे थे.
सुमनलता इसके साथ ही पहली निर्दलीय प्रत्याशी बनीं जिन्होंने 52 साल में पहली बार कर्नाटक में लोकसभा सीट जीती हैं. वे कर्नाटक के इतिहास में तीसरी निर्दलीय प्रत्याशी हैं जो लोकसभा चुनाव जीतने में सफल रही हैं.
सुमनलता को सबसे ज्यादा पहचान 1987 में आई फिल्म थुवानाथुंबिकल के लिए मिली थी. इस फिल्म को पी. पद्माराजन ने डायरेक्ट किया था. सुमनलता ने कन्नड़ के एक्टर और राजनेता अंबारीश से शादी की थी.