हिन्दी फिल्मों की जानी मानी प्ले बैक सिंगर आशा भोसले का जन्म 8 सितम्बर 1933 को महाराष्ट्र के ‘सांगली’ में हुआ.
अपने सात दशक से अधिक के करियर में आशा 12 हजार से ज्यादा गीत गा चुकीं हैं.
मौजूदा दौर के गीतों के बोल और संगीत पर हावी होती तकनीक से उन्हें गुरेज़ है.
आशा को अब पार्श्व गायन में मजा नहीं आता.
उन्होंने अब गाना बहुत कम कर दिया है. उन्होंने कहना है, 'मुझे अब इसमें मजा नहीं आता. सब कुछ कंप्यूटराइज्ड हो गया है. गाने में मधुरता कम होती जा रही है.
उन्होंने बताया ‘हाल में मुझे किसी ने ‘दिल की झोपड़ी में मशाल जला दे’ जैसा एक गाना ऑफर किया था जो मैंने गाने से इनकार कर दिया.
एक्ट्रेस के रूप में उनकी पहली फिल्म 'माई' भी जल्द ही रिलीज होगी.
अपनी बेहतरीन गायकी के लिए आशा भोसले को दादा साहब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण पुरस्कार से नवाजा जा चुका है.
हाल में आशा राज ठाकरे से विवाद को लेकर चर्चा में रही थीं.
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने उन्हें चेतावनी थी कि वह एक टीवी चैनल पर पाकिस्तानी गायकों के साथ रियलिटी शो में भाग न ले.
कलर्स चैनल पर शुरू होने वाले शो सुर क्षेत्र में आशा भोसले पाकिस्तानी गायकों के साथ हिस्सा ले रही हैं, जिस वजह से एमएनएस काफी नाराज है.
आशा भोसले का मानना है कि संगीत में सरहद या मज़हब का भेद नहीं होता.
आशा का कहना है कि संगीत कभी अमीर, गरीब, मज़हब और सरहद नहीं देखता. सुर अच्छा लगता है तो हम ताली बजाते हैं.
आशा ने हाल में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वो इस तरह के गाने नहीं गाना चाहती कि अपने पोते पोतियों के सामने उन्हें शर्मिंदा होना पड़े.
अपने सात दशक से अधिक के करियर में आशा 12 हजार से ज्यादा गीत गा चुकीं हैं.
मौजूदा दौर के गीतों के बोल और संगीत पर हावी होती तकनीक से उन्हें गुरेज़ है.
आशा को अब पार्श्व गायन में मजा नहीं आता.
उन्होंने अब गाना बहुत कम कर दिया है. उन्होंने कहना है, 'मुझे अब इसमें मजा नहीं आता. सब कुछ कंप्यूटराइज्ड हो गया है. गाने में मधुरता कम होती जा रही है.
उन्होंने बताया ‘हाल में मुझे किसी ने ‘दिल की झोपड़ी में मशाल जला दे’ जैसा एक गाना ऑफर किया था जो मैंने गाने से इनकार कर दिया.
उनका कहना है कि ‘हलकट जवानी’ जैसे गाने मैं कभी नहीं गा सकती. अब मुझे खुद को साबित नहीं करना है.’
एक्ट्रेस के रूप में उनकी पहली फिल्म 'माई' भी जल्द ही रिलीज होगी.
आशा ताई ने अपने कैरियर की शुरुआत वर्ष 1943 में की. उनकी सुरीली आवाज छह दशकों तक हिंदी सिनेमा में छाई रही.
आशा भोसले स्वर कोकिला लता मंगेश्कर की बहन है. उन्होंने हजार से ज्यादा फिल्मों में प्लेबैक गीत गाए.
2008 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. आशा भोसले और आर डी बर्मन की जुगलबंदी ने कई हिट गाने दिए.
2006 में आशा जी ने कहा था कि वो अब तक 12,000 से ज्यादा गाने गा चुकी हैं. 2000 में भारत सरकार ने उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया.
इसके अलावा आशा ताई कई तरह के भारत में और भारत के बाहर कॉन्सर्ट में हिस्सा ले चुकी हैं. वह 20 से ज्यादा भारतीय और विदेशी भाषाओं में गाने गा चुकी हैं.
प्लेबैक सिंगिंग ही नहीं बल्कि आशा ताई ने पॉप, गजल, भजन और भारतीय सांस्कृतिक संगीत, कव्वाली और रबिन्द्र संगीत में अपना योगदान दिया. वह कई निजी एल्बम भी निकाल चुकी हैं.