मशहूर पंजाबी फोक सिंगर सुरेंद्र शिंदा को लेकर एक दुखद खबर सामने आई है. 26 जुलाई को सिंगर का निधन हो गया. वो पिछले कई दिनों से अस्पताल में एडमिट थे. बुधवार को लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली.
नहीं रहे सिंगर सुरेंद्र शिंदा
कल तक जिन सुरेंद्र शिंदा की आवाज लोगों का दिन बना देती थी. अब वो हमेशा के लिए खमोश हो गई. उनके निधन की खबर ने फैंस की आंखें नम कर दी है. परिवार में गम का माहौल है. सिंगर के बेटे मनिंदर शिंदा को मलाल है कि वो विदेश से अपने बीमार पिता को देखने नहीं आ सके. बेटे का कहना है कि अगर सही वक्त में उन्हें अस्पताल ले जाया जाता, तो शायद वो बच जाते.
सिंगर के बेटे का कहना है कि वो पिछले 15 साल से विदेश में रह रहे हैं. 22 जून को अचानक सुरेंद्र शिंदा की तबीयत खराब हो गई. उन्हें लुधियाना के एक निजी अस्पताल में एडमिट करवाया गया, जहां पर उनकी तबीयत संभलने की बजाय लगातार बिगड़ती चली गई. अब पिछले कुछ दिनों से वह लुधियाना के एक बड़े नामी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. पर लाख कोशिशों के बावजूद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका.
69 साल सुरेंद्र ने सुबह करीब 7:00 बजे अपनी आखिरी सांस ली. उनके बेटे के मुताबिक वह आखरी सांस तक भी मौत से लड़ते रहे, लेकिन वह जिंदगी की लड़ाई हार गए. उन्होंने कहा कि यह उनके परिवार के लिए कभी ना पूरा होने वाला घाटा है, लेकिन वो अपने परिवार के साथ मिलकर इस गहरे सदमे से बाहर आने की कोशिश करेंगे.
उड़ी थी मौत की अफवाह
कुछ हफ्ते पहले सिंगर के मौत की अफवाह उड़ी थी, लेकिन फिर उनके बेटे ने आकर सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया. मनिंदर ने फेक खबरों पर रिएक्ट करते हुए कहा था कि उनके पिता का इलाज चल रहा है. उम्मीद है कि वो जल्द ठीक हो जाएंगे.
इन गानों के लिए थे पॉपुलर
सुरिंदर अपनी यूनीक आवाज के लिए जाने जाते थे. उन्होंने अपने करियर में 'जट जियोना मोर', 'पुत्त जट्टन दे', 'ट्रक बिलिया', 'बलबीरो भाभी' और 'काहर सिंह दी मौत' जैसे शानदार गाने गाए थे. ये सभी गाने काफी पॉपुलर हैं.
रिपोर्ट- Munish attray