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Film Review: शानदार अभिनय, पर सुस्त कहानी है 'जुगनी'

इस हफ्ते रि‍लीज हो रही है निर्देशक शेफाली भूषण की फिल्म जुगनी. इस फिल्म में आपको अच्छी एक्टिंग देखने को मिलेगी शानदार संगीत सुनने को मिलेगा लेकिन फिल्म की कहानी में है कुछ झोल.

फिल्म का एक दृश्य फिल्म का एक दृश्य

फिल्म : जुगनी
डायरेक्टर: शेफाली भूषण
स्टार कास्ट: सुगंधा गर्ग, साधना सिंह, सिद्धांत बहल, अनुरीता झा
अवधि: 1 घंटा 53 मिनट
सर्टिफिकेट: U/A
रेटिंग: 2 स्टार

कहानी
यह कहानी म्यूजिक डायरेक्टर विभावरी (सुगंधा गर्ग) की है, जो मुंबई में अपने ब्वॉयफ्रेंड सिड (समीर शर्मा) के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहती है. और आने वाली फिल्म के लिए कुछ अच्छे गानो की चाह में मुंबई से पंजाब की ओर निकल पड़ती हैं. पंजाब के हसनपुर गांव में विभावरी मशहूर लोकगायिका बीबी सरूप (साधना सिंह) की तलाश करती हुई उनके बेटे मस्ताना (सिद्धांत बहल) से मिलती हैं. मस्ताना भी एक अच्छा सिंगर है और वह पहले से ही प्रीतो (अनुरीता झा) को प्यार करता रहता है. हालांकि जैसे ही विभावरी की एंट्री उसकी जिंदगी में होती है मस्ताना की प्राथमिकताएं बदलती जाती हैं. विभावरी इसी दौरान कई सारे गीतों को रिकॉर्ड करती है और फिल्म में उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार एक निष्कर्ष निकलता है. जिसे जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

निर्देशन
फिल्म की स्क्रिप्ट बहुत ही साधारण है जिसे खुद डायरेक्टर शेफाली भूषण ने ही लिखा है. फिल्म की शुरुआत तो काफी अच्छी रफ्तार से होती है लेकिन पंजाब में जाते ही फिल्म धीमी पड़ जाती है. और एक वक्त तो ऐसा आ जाता है जब आप सोचने लगते हैं की आखिर इंटरवल कब आएगा. फिल्म का कथानक अच्छा था लेकिन स्क्रिप्ट और बेहतर हो सकती थी. निर्देशक के नियंत्रण से बाहर जाती फिल्म दर्शकों को आकर्षित करने से चूकती नजर आती है.

अभिनय
फिल्म में विभावरी के किरदार में सुगंधा ने काफी उम्दा काम किया है, वही पंजाबी किरदार मस्ताना को निभाते हुए एक्टर सिद्धांत बहल ने बेहतरीन अभिनय किया है. एक्ट्रेस अनुरीता झा का छोटा लेकिन एक प्रेमिका के रूप में बढ़िया रोल है जिसे उन्होंने बखूबी निभाया है. साथ ही साधना सिंह ने भी अच्छा काम किया है.

संगीत
फिल्म का संगीत काफी उम्दा है क्योंकि फिल्म बहुत हद तक संगीत के ही इर्द गिर्द घूमती है. संगीतकार क्लिंटन सेरेजो ने इस फिल्म को विशाल भरद्वाज, एआर रहमान, राहत फतेह अली खान, रेखा भरद्वाज, जावेद बशीर जैसे जाने-माने गायकों के गीतों से सजाया है. फिल्म का म्यूजिक इसका मजबूत पक्ष है. इसमें ऐसे गाने हैं जिन्हें कभी भी सुना जा सकता है.

क्यों देखें
अगर वीकेंड में कोई और ऑप्शन नहीं है, तो इस फिल्म को थिएटर में जाकर देखें वरना टीवी पर आने तक का इंतजार कर सकते हैं.

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