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Film Review: शॉर्टकट सफारी

नेचर और उसकी महत्वतता को बयां करने वाली फिल्म 'शॉर्टकट सफारी रिलीज हो गई है. आइए जानते हैं कैसी है ये फिल्म?

फिल्म का नाम: शॉर्टकट सफारी
डायरेक्टर: अमिताभ सिंह
स्टार कास्ट: जिम्मी शेरगिल, स्तुति द्विवेदी, हर्दिल कनबर
अवधि: 1 घंटा 41 मिनट
सर्टिफिकेट: U
रेटिंग: 1.5 स्टार

नेचर और उसकी महत्वतता को बयां करने वाली फिल्म 'शॉर्टकट सफारी रिलीज हो गई है. आइए जानते हैं कैसी है ये फिल्म?

कहानी
फिल्म 'शॉर्टकट सफारी' एक चिल्ड्रेन एडवेंचर फिल्म है जिसके हीरो सात बच्चे है ये बच्चे अहमदाबाद शहर से हैं जो एक स्कूल ट्रिप में घने जंगल में फंस जाते है, मेट्रो सिटी में रहने वाले इन बच्चों का सामना जंगल से होता है दो दिन बिताने के बाद बच्चों के पास खाने और पीने का सारा सामान खत्म हो जाता हैं कई घटनाओं के जरिए बच्चे नेचर को बहुत करीब से समझनें लगते हैं. इसी बीच सात दोस्तों में से एक हिया (स्तुति द्विवेदी) जंगल में दो डाकुओं के जाल में फंस जाती हैं. हिया को बचाने के लिए सारें बच्चे डाकुओं से भिड़ जाते है इस बीच जंगल के मुखियां (जिम्मी लेपर्ड) के लोग बच्चों और डाकुओं को पकड़कर जिम्मी लेपर्ड (जिम्मी शेरगिल) के सामने लेकर जाते हैं, जिम्मी लेपर्ड बच्चों को जंगल और नेचर का महत्व बहुत ही अनोखे ढंग से समझाता है, बच्चों को खोजते हुए उनके घरवाले भी जंगल में पहुंच जाते है. जंगल से निकलकर स्कूल में जिम्मी लैपर्ड के प्रकृति और पृथ्वी के संरक्षण के इमोशनल लेक्चर के साथ फिल्म खत्म जाती हो है

डायरेक्शन
इस फिल्म के निर्देशक अभिताभ सिंह पहले 'खोसला का घोंसला', 'चिल्लर पार्टी' और 'दी गुड रोड' सरीखी नेशनल अवॉर्ड फिल्मों के सिनेमेटोंग्राफर रहे हैं, और फिल्म 'शॉर्टकट सफारी' में भी उन्होंने गुजरात के जंगल को बहुत ही खूबसूरती से कैमरे में कैद किया है लेकिन फि‍ल्म निर्देशन लचर है. फि‍ल्म की कहानी धीमी और दिशाहीन हैं. संवाद असरदार होने के बादजूद साधारण लगते है, जिम्मी लेपर्ड का किरदार अंत तक रहस्यमय रहता हैं. प्रकृति की सुरक्षा के सन्देश को सही तरीके से कह पाने में फिल्म असफल रहती हैं.

अभिनय
फिल्म में सभी बच्चों ने अच्छी एक्टिंग की है. स्तुति द्विवेदी ने 'हीया' और हर्दिल कानाबर नें 'कृतुपोर्णो' के किरदार में अच्छा अभिनय किया है.जिम्मी शेरगिल ने कैमियो रोल सहज तरीके से निभाया है साथ ही फि‍ल्म के क्लाइमैक्स में पृथ्वी और नेचर की सुरक्षा पर उनकी अपील असरदार हैं, बाकी कलाकारों ने भी ठीक काम किया है.

संगीत
फिल्म का बैकग्राउंड संगीत ऑस्कर पुरस्कार विजेता रसूल पुकुट्टी ने तैयार किया है जो जंगल की खूबसूरती को पर्दे पर बढ़ा देता है.

क्यों देखें
घने जंगलों के लुभावने दृश्य को रसूल पुकुट्टी का शानदार बैकग्राउंड संगीत फिल्म को प्रभावशाली बना देता हैं, पर्यावरण बचाओ के सन्देश और बच्चों के स्वाभाविक अभिनय के लिए फि‍ल्म को एक बार देखा जा सकता है.

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