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Film Review: हंसते-हंसते गंभीर मुद्दा जोरदार तरीके से उठाता है जॉली

'जॉली एलएलबी2' में अक्षय कुमार पहली बार वकील के रोल में आ रहे हैं. इस रिव्यू में जानें कैसे रही है उनकी परफॉर्मेंस...

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'जॉली एलएलबी2' में अक्षय कुमार
'जॉली एलएलबी2' में अक्षय कुमार

फिल्म का नाम : जॉली एलएलबी
डायरेक्टर: सुभाष कपूर
स्टार कास्ट: अक्षय कुमार, हुमा कुरैशी ,अन्नू कपूर, कुमुद मिश्र, सौरभ शुक्ल, सयानी गुप्ता, इनामुल हक़, मानव कौल
अवधि: 2 घंटा 18 मिनट
सर्टिफिकेट: U/A

साल 2013 में जॉली एलएलबी फिल्म रिलीज हुई थी तो उसका बजट 10 करोड़ था और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तीन गुना बिजनेस किया था.

तारीफ के साथ फिल्म को 2 नेशनल अवॉर्ड और फिल्म फेयर अवॉर्ड्स भी दिए गए थे. अब इसकी अगली कड़ी 'जॉली एलएलबी 2' बनकर तैयार है जिसमें अरशद वारसी की जगह अक्षय कुमार लीड रोल में हैं. कोर्ट के आदेश के बाद 4 कट्स के साथ फिल्म रिलीज हुई है.


देखें इसका रिव्यू :

लखनऊ से है कहानी
यह कहानी लखनऊ बेस्ड है जहां वकील जगदीश्वर मिश्रा उर्फ जॉली (अक्षय कुमार) अपनी पत्नी पुष्पा पांडेय (हुमा कुरैशी) और बच्चे के साथ रहता है. अपने खुशमिजाज नेचर के हिसाब से जॉली पूरे न्यायालय में फेमस है.

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एक तरफ जहां वो स्कूल के बच्चों का अंग्रेजी पेपर सॉल्व कराता है और पत्नीव्रता है, वहीं दूसरी तरफ कोर्ट के केस के दौरान वह काफी मजाक भी करता है.

इसकी वजह से जस्टिस सुंदरलाल त्रिपाठी (सौरभ शुक्ला) भी काफी परेशान होते हैं. फिर कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब हिना सिद्दीकी (सयानी गुप्ता) का केस कोर्ट के सामने आता है और कहानी में इकबाल कासिम (मानव कौल), इंस्पेक्टर सिंह (कुमुद मिश्रा) जैसे किरदारों की एंट्री होती है और आखिरी केस कोर्ट में लड़ते वक्त जॉली के सामने नामी वकील प्रमोद माथुर (अन्नू कपूर) होते हैं. यह केस हिना का है जो अपने पति की बेल के लिये बार-बार कोर्ट का दरवाजा खटखटाती है.


जानिए आखिर फिल्म को क्यों देख सकते हैं-
- सुभाष कपूर की मजबूत लिखावट और अहम केस की ओर ध्यान केंद्रित किए जाने का प्रयास सराहनीय है. रियल लोकेशन पर शूट किये गए सीन्स भी कमाल के हैं.

- अक्षय कुमार की वकील और एक जिम्मेदार पति के रूप में भी बेहतरीन परफॉर्मेंस है जहां आप कई जगहों पर उनसे कनेक्ट कर पाते हैं.

- फिल्म में सौरभ शुक्ला, अन्नू कपूर, इनामुल हक, कुमुद मिश्रा ने अच्छा काम किया है. हुमा कुरैशी भी सहज रही हैं.

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- संवादों का आदान-प्रदान और खासतौर पर कोर्ट रूम ड्रामा आपको हंसाने के साथ-साथ गंभीर मुद्दे की तरफ ध्यान आकर्षित कराता है.

- फिल्म की सिनेमेटोग्राफी और स्क्रीनप्ले बढ़िया है. फिल्म के कई सीक्वेंस ऐसे हैं जो आपके चेहरे पर मुस्कान ले आते हैं.

कमजोर कड़ियां-
- फिल्म में कहानी लखनऊ से बनारस और जम्मू कश्मीर जाती है जो कि फिल्म की रफ्तार को धीमा करता है.

- कोर्ट में धरने का सीक्वेंस भी काफी लंबा खिंचता है जिसे छोटा किया जा सकता था.

- फर्स्ट और सेकेंड हाफ थोड़े धीमे हैं. ये रफ्तार बेहतर हो सकती थी.

- कोर्ट रूम ड्रामा अच्छा है और मजाकिया भी. लेकिन इसमें फ्लो नहीं है.


बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद
प्रोडक्शन सहित फिल्म का बजट लगभग 78 करोड़ बताया जा रहा है. इसमें प्रोडक्शन कॉस्ट 63 करोड़ और मार्केटिंग लागत 15 करोड़ है. साथ ही अक्षय कुमार की फीस 35-40 करोड़ के बीच है.फिल्म लगभग 3200 स्क्रीन्स में रिलीज की जाने वाली है, और सैटेलाईट राइट्स 35 करोड़ में बिकने की खबर है. म्यूजिक और डिजिटल राइट्स 12 करोड़ में बिके हैं जबकि ओवरसीज 16 करोड़ में.


यदि फिल्म 85-90 करोड़ कमाती है तो कॉस्ट रिकवर कर लेगी और 95 करोड़ कमाने पर 'हिट' साथ ही 125 करोड़ कमाने पर सुपरहिट कहलाएगी.

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