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'बॉर्डर 2' की सफलता पर इमोशनल हुईं मोना सिंह, पिता को किया याद, बोलीं- 1971 की जंग में...

मुंबई में आज फिल्म बॉर्डर 2 की सक्सेस प्रेस मीट हुई. जिसमें सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी, मोना सिंह, अन्या सिंह, मेधा राणा, अन्या सिंह, भूषण कुमार, निधि दत्ता, अनुराग सिंह और दूसरे लोग शामिल हुए. इस दौरान मोना सिंह इमोशनल हो गई.

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बॉर्डर 2 पर इमोशनल हुईं मोना सिंह (Photo: Instagram/@monajsingh)
बॉर्डर 2 पर इमोशनल हुईं मोना सिंह (Photo: Instagram/@monajsingh)

थियेटर में अपनी दहाड़ से बॉक्स ऑफिस को हिला देने वाली फिल्म 'बॉर्डर 2' ने सफलता के नए झंडे गाड़ दिए हैं. फिल्म की इस ऐतिहासिक कामयाबी के बीच एक्ट्रेस मोना सिंह ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर हर कोई इमोशनल हो गया. 

फिल्म में सनी देओल की पत्नी 'सिमी कलेर' का किरदार निभाने वाली मोना ने बताया कि यह फिल्म उनके लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं था, बल्कि उनके अपने परिवार की कहानी थी. एक फौजी की बेटी होने के नाते, उन्होंने परदे पर उन जज्बातों को जिया है जिन्हें उन्होंने बचपन से अपने घर में देखा था.

मोना सिंह ने क्या कहा?
मोना सिंह ने फिल्म की सक्सेस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उन्हें इस फिल्म का ऑफर बहुत ही नाटकीय अंदाज में मिला. वह उस वक्त अपने किसी दूसरे शो के प्रमोशन में काफी बिजी थीं, तभी 'बॉर्डर 2' के मेकर्स का फोन आया. शूटिंग शुरू होने में महज एक हफ्ता बचा था. मोना कहती हैं, 'अक्सर आप स्क्रिप्ट नहीं चुनते, बल्कि स्क्रिप्ट आपको चुनती है. जैसे ही मैंने कहानी पढ़ी, मुझे लगा कि यह मेरे लिए ही बनी है. मैंने तुरंत फैसला किया कि चाहे कुछ भी हो जाए, मुझे अपनी डेट्स मैनेज करनी हैं और यह फिल्म करनी ही है.'

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रियल लाइफ हीरो हैं मोना के पिता
मोना सिंह के लिए इस फिल्म से जुड़ने की सबसे बड़ी वजह उनका बैकग्राउंड था. उन्होंने बताया कि वह एक फौजी की बेटी हैं और उनके पिता ने 1971 की ऐतिहासिक जंग लड़ी थी. फिल्म के एक सीन का जिक्र करते हुए मोना इमोशनल हो गईं, जिसमें सनी देओल का किरदार माइनफील्ड (बारूदी सुरंग) में फंस जाता है. मोना ने शेयर किया, 'मेरे पापा के साथ हकीकत में ऐसा ही हुआ था. 1971 की लड़ाई के दौरान उन्होंने एक माइन पर पैर रख दिया था, जिसकी वजह से उन्हें अपना एक पैर गंवाना पड़ा. फिल्म का वह सीन देखते हुए मुझे लगा जैसे मैं अपने पिता का संघर्ष देख रही हूं.'

वहीं फिल्म में सिमी कलेर का किरदार निभाते हुए मोना ने उन महिलाओं के दर्द और मजबूती को दिखाने की कोशिश की है, जो सरहद पर लड़ रहे जवानों का घर पर इंतजार करती हैं. मोना का मानना है कि जब एक सिपाही बॉर्डर पर जाता है, तो वह अकेला नहीं होता; उसका पूरा परिवार मानसिक रूप से उस जंग का हिस्सा होता है. उन्होंने कहा, 'मैंने यह सब करीब से देखा है. मेरे लिए यह फिल्म मेरे पिता को एक 'ट्रिब्यूट' है. जैसे निधि दत्ता अपने पिता जे.पी. दत्ता की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं, वैसे ही मेरे लिए भी यह एक इमोशनल सफर रहा है.'

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वर्क फ्रंट की बात करें तो मोना सिंह अपने करियर के बेहतरीन दौर से गुजर रही हैं. एक तरफ जहां सुदीप शर्मा की सीरीज 'कोहरा 2' में एक सख्त पुलिस अफसर की भूमिका के लिए उनकी जमकर तारीफ हो रही है, वहीं 'बॉर्डर 2' की ब्लॉकबस्टर सफलता ने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया है. 

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