फतेहपुर जिले की एक विधानसभा सीट है जहानाबाद विधानसभा सीट. जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र के कई गांव गंगा और यमुना नदी के तटवर्ती हैं. ये कृषि प्रधान इलाका है. इस विधानसभा क्षेत्र के लोग अधिकतर सब्जी की खेती पर निर्भर हैं. समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल इसी विधानसभा क्षेत्र के लहुरी सराई गांव के मूल निवासी हैं.
जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र की सूत फेनी सबसे मशहूर है. इसकी सप्लाई प्रदेश के विभिन्न इलाकों के साथ ही देश के अन्य राज्यों में भी की जाती है. ये विधानसभा सीट मूलभूत सुविधाओं से वंचित रही है. स्थिति ये रही है कि नहरों में कई साल तक पानी नहीं आने के कारण खेती-किसानी प्रभावित हुई. इस विधानसभा क्षेत्र की गिनती प्रदेश के पिछड़े विधानसभा क्षेत्रों में होती है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
जहानाबाद विधानसभा सीट के सियासी अतीत की बात करें तो यहां शुरुआती दौर में कांग्रेस का कब्जा रहा. 1985 के बाद आज तक कांग्रेस का कोई भी उम्मीदवार चुनाव जीतकर विधानसभा में नहीं पहुंच पाया. 1989 से अब तक इस सीट पर दो बार जनता दल, तीन बार सपा और दो बार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का कब्जा रहा है.
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जहानाबाद विधानसभा सीट से पहले चुनाव में कांग्रेस आई के गुरु प्रसाद पांडेय विधायक निर्वाचित हुए थे. 1977 में यहां जनता पार्टी के सैयद कासिम हसन, 1980 में कांग्रेस आई के जगदीश नारायण शर्मा और 1985 में कांग्रेस के प्रकाश अवस्थी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे. 1989 में जनता दल के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे नरेश उत्तम विजयी रहे जो इस समय सपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं.
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जहानाबाद विधानसभा सीट से साल 1991 में छत्रपाल वर्मा, 1993 में मदन गोपाल वर्मा, 1996 में बसपा के सैयद कासिम हसन, 2002 में सपा के मदन गोपाल वर्मा, 2007 में बसपा के आदित्य पांडेय और 2012 में फिर से सपा के मदन गोपाल वर्मा चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे थे.
2017 का जनादेश
जहानाबाद विधानसभा सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और अपना दल गठबंधन से जय कुमार सिंह जैकी चुनाव मैदान में उतरे. जय कुमार सिंह जैकी बीजेपी और अपना दल गठबंधन से विधानसभा पहुंचने में सफल रहे. पहली बार विधायक निर्वाचित हुए जैकी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के मदन गोपाल वर्मा को 47 हजार वोट से अधिक के अंतर से हरा दिया. बसपा के रामनारायण निषाद तीसरे स्थान पर रहे.
समाजिक ताना-बाना
जहानाबाद विधानसभा सीट के जातीय समीकरणों की बात करें तो इसकी गिनती कुर्मी बाहुल्य सीटों में की जाती है. कुर्मी बिरादरी के साथ ही निषाद, ब्राह्मण मतदाता भी इस सीट पर अच्छी तादाद में हैं. इस सीट पर हार-जीत तय करने में ओबीसी और एससी वर्ग के मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं. यहां मुस्लिम मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
जहानाबाद विधानसभा सीट से विधायक जय कुमार सिंह जैकी यूपी सरकार में कारागार राज्यमंत्री हैं. इनका जन्म जिले के बिंदकी तहसील क्षेत्र के अमौली ब्लॉक के जद्दूपुर गांव में हुआ था. किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले जय कुमार सिंह जैकी की प्राथमिक शिक्षा रामपुर हुसेना प्राथमिक विद्यालय से हुई है. जय कुमार सिंह जैकी ने कानपुर लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की. वे लॉ कॉलेज में छात्रसंघ के महामंत्री चुने गए और बाद में कानपुर नगर निगम ट्रेड यूनियन के नगर अध्यक्ष चुने गए थे.
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जय कुमार सिंह जैकी 1995 में जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए थे. साल 1996 में जय कुमार सिंह जैकी बीजेपी में शामिल हुए थे और 2000 में अमौली ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख चुने गए. जैकी को साल 2002 में बीजेपी ने इस सीट से अपना उम्मीदवार बनाया लेकिन उन्हें मात मिली थी. 2017 के विधानसभा चुनाव में अपना दल (सोनेलाल ) के टिकट पर पहली बार विधायक निर्वाचित हुए और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में कारागार राज्यमंत्री बने.
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जहानाबाद विधायक जय कुमार सिंह जैकी का दावा है कि उन्होंने विधायक निधि से क्षेत्र में सीसी रोड, उत्सव भवन, हैंडपाइप, सौर ऊर्जा लगवाए हैं. साधु-संतों के आश्रमों का विद्युतीकरण भी कराया और कोरोना महामारी के समय ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर साबुन, सैनिटाइजर और मास्क भी बंटवाए. उन्होंने ग्रामीण इलाकों में निगरानी समिति के गठन का भी दावा किया.
(रिपोर्ट- नितेश श्रीवास्तव)