पंजाब के संगरूर जिले की एक विधानसभा सीट है धुरी विधानसभा सीट. संगरूर जिले की धुरी सीट अचानक ही चर्चा में आ गई है. आम आदमी पार्टी (एएपी) ने संगरूर के सांसद भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है. एएपी के सीएम कैंडिडेट भगवंत मान धुरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. इस ऐलान के बाद ये सीट सूबे की हॉट सीटों की लिस्ट में शामिल हो गई है.
धुरी की बात करें तो ये संगरूर जिले का एक कस्बा है. पंजाब के प्रमुख शहरों में शुमार किए जाने वाले संगरूर जिले में धुरी को तहसील का दर्जा प्राप्त है. धुरी, ग्रामीण इलाकों की सीट है. इस विधानसभा सीट के तहत धुरी कस्बे को छोड़कर अधिकतर ग्रामीण इलाके आते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र की अधिकतर आबादी आजीविका के लिए खेती-किसानी पर निर्भर है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
धुरी विधानसभा सीट के सियासी अतीत की चर्चा करें तो ये सीट शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) का मजबूत किला हुआ करती थी. इस विधानसभा सीट से 1977 और 1980 में एसएडी के संत सिंह, 1985 में एसएडी के सुरिंदर सिंह, 1992 में कांग्रेस के धनवंत सिंह विधायक निर्वाचित हुए. 1997 में धनवंत सिंह निर्दलीय जीते. 2002 में इस सीट से एसएडी के गगनजीत सिंह, 2007 में निर्दलीय उम्मीदवार इकबाल सिंह झुंडन और 2012 में कांग्रेस के अरविंद खन्ना इस सीट से विधानसभा पहुंचे.
2017 का जनादेश
धुरी विधानसभा सीट से 2017 के चुनाव में भी कांग्रेस के उम्मीदवार को जीत मिली थी. कांग्रेस ने 2017 में इस सीट से दलवीर सिंह गोल्डी को उम्मीदवार बनाया था. कांग्रेस के दलवीर सिंह गोल्डी ने एएपी के जसवीर सिंह जस्सी सेखो को 2811 वोट से मात दी थी. एसएडी के हरि सिंह तीसरे और अकाली दल (एम) के सुरजीत सिंह कालाबुला चौथे स्थान पर रहे थे.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
धुरी विधानसभा सीट से विधायक दलवीर सिंह गोल्डी विकास के दावे कर रहे हैं तो वहीं विपक्षी दलों के नेता उनके दावों को खोखला बता रहे हैं. कांग्रेस ने इस दफे भी दलवीर सिंह गोल्डी को टिकट दिया है. एएपी ने अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भगवंत सिंह मान को इसी सीट से चुनाव मैदान में उतारकर चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया है. एसएडी ने प्रकाश चंद्र गर्ग को उम्मीदवार बनाया है. इस विधानसभा सीट के लिए 20 फरवरी को मतदान होना है.