उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की एक विधानसभा सीट है बिलासपुर विधानसभा सीट. रामपुर जिले का बिलासपुर एक तहसील भी है. बिलासपुर तहसील का मुख्यालय बिलासपुर में ही है और इसी नाम से विधानसभा सीट भी है. बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित है. बिलासपुर विधानसभा सीट के लिए सात चरणों में होने जा रहे यूपी चुनाव के दूसरे चरण में 14 फरवरी को मतदान होना है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
बिलासपुर विधानसभा सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की चर्चा करें तो यहां कांग्रेस मजबूत रही है. इस विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर विजय कपूर दो बार विधायक रहे हैं. विजय कपूर कांग्रेस के टिकट पर 2007 में पहली दफे बिलासपुर सीट से विधायक निर्वाचित हुए थे. विजय कपूर साल 2012 में भी बिलासपुर विधानसभा सीट से विधानसभा पहुंचे थे.
2017 का जनादेश
बिलासपुर विधानसभा सीट से साल 2017 में के चुनाव में भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के गठबंधन से विजय कपूर चुनाव मैदान में उतरे थे. कांग्रेस-सपा गठबंधन के विजय कपूर के मुकाबले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सरदार बलदेव सिंह औलख को उम्मीदवार बनाया था. बीजेपी बलदेव सिंह औलख ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के संजय कपूर को 22 हजार से अधिक वोट के अंतर से हरा दिया था.
सामाजिक ताना-बाना
बिलासपुर विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो इस इलाके में अच्छी तादाद पंजाब से आकर बसे किसानों की है. रामपुर जिले की बिलासपुर विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में जाट मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में सामान्य वर्ग के साथ ही दलित मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
बिलासपुर विधानसभा सीट से विधायक बलदेव सिंह औलख सूबे की सरकार में मंत्री भी हैं. बलदेव सिंह औलख का दावा है कि उनके कार्यकाल के दौरान विधानसभा क्षेत्र के हर इलाके में विकास कार्य कराए गए हैं. विपक्षी दलों के नेता उनके दावे को सिरे से खारिज कर रहे हैं. बीजेपी ने इस दफे भी बलदेव सिंह औलख पर दांव लगाया है. सपा ने इस सीट से अमरजीत सिंह, बहुजन समाज पार्टी ने राम अवतार कश्यप और कांग्रेस ने संजय कपूर को उम्मीदवार बनाया है.