वाराणसी में मोदी से मुकाबले के लिए कांग्रेस अबतक उम्मीदवार का ऐलान नहीं कर पाई है लेकिन पार्टी में दावेदारों की लिस्ट बढ़ती जा रही है. नई दावेदारी ठोकने वाले राशिद अल्वी हैं पार्टी नेता चिदंबरम की भी वहां से चुनाव लड़ने की इच्छा है.
इनसे पहले दिग्विजय सिंह, आनंद शर्मा और प्रमोद तिवारी चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं. राज्यसभा के ये धुरंधर अपने क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ने की जगह वराणसी से लड़ना चाहते हैं. राशिद अल्वी की राज्यसभा सदस्यता हाल ही में खत्म हुई है. सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर उन्होंने वाराणसी में मोदी से मुकाबला करने की इच्छा जाहिर की है.
सबसे दिलचस्प मामला पी चिदंबरम का है जो खुद तो अपनी सीट से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं पर कहते हैं कि काश मैं मोदी के खिलाफ लड़ पाता अफसोस मुझे हिंदी नहीं आती है.
विधायक अजय राय और 2004 में सांसद रहे स्थानीय नेता राजेश मिश्रा भी दौड़ में हैं. नाम तो काशी नरेश के वंशज का भी उछला. लेकिन अबतक कांग्रेस आलाकमान का फैसला नहीं आ सका है.