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Mumbai South: नोटबंदी में अपनी ही सरकार के व‍िरोध में आ गए थे सांसद अरव‍िंद सावंत

Mumbai South Lok sabha constituency 2019 के लोक सभा चुनाव 2019 में सबकी नजरें लगी हुई हैं. लोक सभा चुनावों के लिहाज से महाराष्ट्र की मुंबई दक्ष‍िण सीट क्यों है खास,  इस आर्टीकल में पढ़ें...

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मुंबई दक्ष‍िण लोक सभा सीट के सांसद अरव‍िंद सावंत (Photo:Facebook)
मुंबई दक्ष‍िण लोक सभा सीट के सांसद अरव‍िंद सावंत (Photo:Facebook)

मुंबई दक्ष‍िणलोक सभा सीट ( मुंबई दक्ष‍िण  लोकसभा मतदारसंघ) का म‍िजाज म‍िला-जुला है. कभी इस सीट से लड़कर जॉर्ज फर्नांडिज सांसद बने थे. ये 9 बार के सांसद रहे थे. बाद में उन्होंने ब‍िहार की मुजफ्फरपुर सीट को अपनी कर्मस्थली बनाया. कई सालों तक ये सीट कांग्रेस के मुरली देवडा और फ‍िर उनके बेटे म‍िल‍िंद देवडा के पास रही लेक‍िन बाद में यह श‍िवसेना के खाते में चली गई. यहां से वर्तमान सांसद श‍िवसेना के अरव‍िंद सावंत हैं ज‍िन्होंने कांग्रेस के म‍िल‍िंद देवडा को श‍िकस्त दी थी.

मुंबई दक्षिण लोक सभा सीट में व‍िधानसभा सीटों का गणित

मुंबई दक्षिण लोकसभा सीट में 6 विधानसभा सीट आती हैं. इस लोक सभा सीट का मिजाज मिला-जुला नजर आता है. किसी भी पार्टी का यहां पूरा दबदबा नहीं है. वर्ली, शिवडी से शिवसेना, मालाबार हिल, कोलाबा से बीजेपी, मुंबादेवी से कांग्रेस तो भायखला से असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के विधायक हैं.

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मुंबई दक्ष‍िण लोक सभा सीट का इत‍िहास

1952 से यहां 1967 तक इस सीट पर कांग्रेस काबिज रही. संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के बैनर पर लड़े जॉर्ज फर्नांडिज ने कांग्रेस के तिलिस्म को तोड़ा और 1967 के चुनावों में जीत हासिल की. 1971 में फिर से सीट कांग्रेस के पास चली गई. 1977 से 1984 तक ये सीट भारतीय लोक दल और जनता पार्टी के पास रही. उसके बाद 1984 से 1996 तक यहां कांग्रेस के मुरली देवडा का एकछत्र राज रहा. 1996 में उनके तिलिस्म को बीजेपी की जयवंतीबेन मेहता ने तोड़ा लेकिन 1998 में फिर से मुरली देवड़ा को यहां से जीत हासिल हुई. 1999 में फिर जयवंतीबेन मेहता ने विजय हासिल की. 2004 में मुरली देवडा के बेटे मिलिंद देवडा ने कांग्रेस के टिकट पर लड़कर इस सीट को हासिल किया जो 2014 तक इनके पास रही. 2014 में शिवसेना के अरविंद सावंत ने कांग्रेस के हाथ से ये सीट छीन ली.

जॉर्ज फर्नांडिज ने इसी लोक सभा सीट से  क‍िया था राजनीतिक करियर शुरू

अटल बिहारी वाजपेयी की एनडीए सरकार में रक्षा मंत्री रहे समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडिज ने इसी लोक सभा सीट से अपना राजनीतिक करियर 1967 में शुरू किया था. उस समय कांग्रेस के दिग्गज नेता और तीन बार के सांसद सदाशिव कानोजी पाटिल को धूल चटा कर लोक सभा सीट जीती थी. जॉर्ज फर्नांडिज 9 बार सांसद रहे हैं. 29 जनवरी 2018 को इनका न‍िधन हो गया.

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इस सीट का जीत का गणित

2014 में इस सीट से शिवसेना के अरविंद गनपत सावंत ने 3,74,609 वोट पाकर जीत हासिल की. दूसरे स्थान पर कांग्रेस के मिलिंद मुरली देवडा रहे जिन्हें 2,46,045 वोट मिले थे. तीसरे स्थान पर मनसे के बाला नांदगांवकर रहे. इन्हें 84,773 वोट मिले. चौथे स्थान पर मशहूर बैंकर मीरा सान्याल रहीं जिन्होंने आप पार्टी से चुनाव लड़ा था और 40,298 वोट पाए थे.

वर्तमान सांसद का प्रदर्शन

इस लोक सभा सीट से वर्तमान में शिवसेना के अरविंद सावंत सांसद हैं. इन्होंने समाजसेवा का काम शिवसेना में 1967 से शुरू किया. पिछले 20 सालों से वे आदिवासियों के बीच दिवाली मना रहे हैं. अपने बयानों से भी ये चर्चा का विषय बनते हैं. नोटबंदी के बाद इन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम का विरोध किया था. उनका कहना था कि जिस तरह से इसके कारण लोग परेशान हुए, यह नोटबंदी का गलत तरीका था. अभी हाल में राम मंदिर निर्माण के लिए पंढरपुर में इन्होंने विशाल रैली भी की.

संसद में प्रदर्शन 

संसद में इनकी उपस्थित‍ि 98 फीसदी रही है. संसद में इन्होंने 279 डीबेट में ह‍िस्सा ल‍िया और 463 प्रश्न पूछे. वे एक प्राइवेट मेंबर्स ब‍िल भी लेकर आए हैं.  इस संसदीय क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है ज‍िसमें से इन्हें 15 करोड़ रुपये म‍िले हैं. ब्याज के साथ ये रकम 16.79 करोड़ रुपये होती है. इसमें से 13.01 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं जो 86.73 फीसदी है. अभी भी 3.78 करोड़ रुपये खर्च करने के ल‍िए बाकी हैं. इन्होंने 2014 के चुनावों में 1 करोड़ रुपये की संपत्त‍ि घोषि‍त की थी.

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