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जूनागढ़ लोकसभा सीट: क्या बीजेपी की होगी एक और जीत या कांग्रेस करेगी कमाल?

जूनागढ़ में लोकसभा चुनाव के लिए 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. गुजरात की इस लोकसभा सीट पर तीसरे चरण के तहत मतदाता वोट डालेंगे. जूनागढ़ में कांग्रेस ने पुंजाभाई वंश को टिकट दिया है तो वहीं बीजेपी ने राजेश चुडास्मा को प्रत्याशी बनाया है.

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बीजेपी(फोटो- पीटीआई)
बीजेपी(फोटो- पीटीआई)

जूनागढ़ में लोकसभा चुनाव के लिए 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. गुजरात की इस लोकसभा सीट पर तीसरे चरण के तहत मतदाता वोट डालेंगे. जूनागढ़ में कांग्रेस ने पुंजाभाई वंश को टिकट दिया है तो वहीं बीजेपी ने राजेश चुडास्मा को प्रत्याशी बनाया है. वहीं बहुजन समाज पार्टी ने देवेन गोविंदभाई को टिकट दिया है.

जूनागढ़ लोकसभा सीट पर फिलहाल पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है. 2014 के चुनाव में बीजेपी के टिकट पर नारणभाई राजेश चुडासमा यहां से सांसद बने थे. नारणभाई राजेश चुडासमा युवा सांसदों में शुमार हैं.

सीट का इतिहास

यह सीट अपने पहले चुनाव से ही सामान्य रही है. 1962 में यहां से पहला चुनाव कांग्रेस के टिकट पर चितरंजन राजा ने जीता था. इसके बाद 1967 में स्वतंत्र पार्टी के वी जे शाह ने बाजी मारी. 1971 में कांग्रेस के रावजीभाई वेकारिया, 1977 में भारतीय लोकदल के नरेंद्र नाठवानी, 1980 में कांग्रेस(I) के लालजी भाई पटेल, 1984 में फिर कांग्रेस के टिकट पर लालजी भाई जीते. इसके बाद परिवर्तन हुआ और 1989 के आम चुनाव में कांजीभाई शेखाड़ा ने जनता दल के टिकट पर चुनाव जीता.

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1991 में इस सीट पर पहली बार किसी महिला उम्मीदवार ने विजय प्राप्त की, जब बीजेपी के टिकट पर भावना बेन चिखलिया सांसद बनीं. इसके बाद वह 1996, 1998 और 1999 में लगातार चुनाव जीतीं. इस तरह भावना चिखलिया लगातार चार बांद लोकसभा सांसद निर्वाचित होने वाली गुजरात की पहली महिला बन गईं. 2004 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस के जसूभाई बारड ने चुनाव जीता. 2009 और 2014 में फिर से बीजेपी ने यहां बाजी मारी.

2014 का जनादेश

नारणभाई राजेश चुडासमा, बीजेपी- 513,179 वोट (54.5%)

पुंजा भाई वंश, कांग्रेस- 377,347 (40.1%)

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