झारखंड चुनाव परिणाम 2019 Live: रुझानों में कांग्रेस-JMM बहुमत के पार, बीजेपी ने गंवाई सरकार
यहां देखें बोकारो जिले की विधानसभा सीटों से जुड़े अपडेट्स
बोकारो
झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में इस बार बोकारो से बीजेपी के बिरंची नारायण ने जीत दर्ज की है. उन्होंने कांग्रेस की श्वेता सिंह को 13313 वोटों से शिकस्त दी. बिरंची नारायण को इस चुनाव में 112333 वोट हासिल हुए तो वहीं कांग्रेस की श्वेता सिंह को 99020 वोट मिले. यहां चौथे चरण में मतदान हुआ था. 2014 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के बिरंची नारायण ने ही यहां से जीत हासिल की थी. पिछला चुनाव बिरंची नारायण ने 72643 वोटों के मार्जिन से जीता था.
गोमिया
झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में इस बार गोमिया विधानसभा सीट आजसू पार्टी के खाते में चली गई है. आजसू पार्टी के लंबोदर महतो ने इस सीट से 10937 वोटों से जीत हासिल की. लंबोदर को चुनाव में 71859 वोट हासिल हुए. वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की बबीता देवी दूसरे नंबर पर रही. चुनाव में उन्हें 60922 वोट मिले. गोमिया में तीसरे चरण में मतदान हुआ था. पिछले विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के योगेंद्र प्रसाद ने यहां जीत दर्ज की थी.
चंदनकियारी
झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में इस बार भी चंदनकियारी सीट से अमर कुमार बौरी ने जीत हासिल की है. हालांकि इस बार अमर ने बीजेपी की टिकट पर जीत हासिल की है. वहीं पिछले विधानसभा चुनाव में झारखंड विकास मोर्चा की टिकट पर अमर कुमार बौरी ने जीत हासिल की थी. इस बार अमर कुमार को 9211 वोटों से जीत हासिल हुई है. इस बार के चुनाव में अमर कुमार को 67739 वोट हासिल हुए. वहीं आजसू पार्टी के उमा कांत रजक दूसरे नंबर पर रहे. उमा कांत को 58528 वोट मिले.
बेरमो
झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में इस बार बेरमो सीट से कांग्रेस के राजेंद्र पीडी सिंह ने जीत हासिल की है. राजेंद्र पीडी सिंह ने 25172 मचों से दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी के योगेश्वर महतो को मात दी. पिछले चुनाव में यहां बीजेपी के योगेश्वर महतो ने जीत दर्ज की थी. वहीं इस बार के चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र पीडी सिंह को 88945 मिले तो वहीं बीजेपी के योगेश्वर महतो को 63773 वोट मिले.
झारखंड चुनाव परिणाम पर विस्तृत कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
बोकारो को 1 अप्रैल 1991 में तत्कालीन धनबाद जिले के चास और चंदनकियारी और गिरिडीह जिले के बेरमो को मिलाकर जिला घोषित किया गया था. बोकारो के पूर्व में धनबाद, पश्चिम में प. बंगाल राज्य का कुछ हिस्सा, रामगढ़, दक्षिण में प. बंगाल का पुरुलिया और उत्तर में गिरिडीह, हजारीबाग है. पहले इसे मानभूम के नाम से जाना जाता था. पुरातात्विक खनन में शिलालेख, तांबे की प्लेटों या पुराने सिक्कों से इसका आधुनिक इतिहास करीब 100 साल पुराना पता चलता है. हालांकि, कहा जाता है कि मानभूम का नाम राजा मान सिंह के नाम पर पड़ा था. यह क्षेत्र उन्हें अकबर ने बतौर तोहफा दिया था. बाद में यह बीरभूम, मानभूम और सिंहभूम में विभाजित हो गया.
इतिहासकारों का यह भी मानना है कि यहां पर जैन सभ्यता भी हावी थी. ये जिक्र ह्वेन सांग की यात्रा वृतांत में है. ब्रिटिश शासन के दौरान पुरुलिया को मानभूम का मुख्यालय घोषित किया गया था. 1960 के प्रारंभ में भारत सरकार द्वारा सोवियत रूस के सहयोग से आधुनिक स्टील प्लांट की स्थापना की गई. इसके बाद बोकारो देश का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बन गया. 1966 में बोकारो स्टील प्लांट की आधारशिला रखी गई. 1990 की शुरुआत में ओएनजीसी ने चंदनकियारी में मीथेन गैस के विशाल स्रोत की पहचान की. यहां एक बड़ा गैस संयंत्र बनाने की तैयारी में है. बोकारो स्टील प्लांट पूरी दुनिया में मशहूर है.
बोकारो की 20.62 लाख आबादी, साक्षरता दर 72.01 फीसदी
बोकारो की कुल आबादी 2,061,330 है. इसमें से 1,072,807 पुरुष और 989,523 महिलाएं हैं. जिले का औसत लिंगानुपात 922 है. जिले की 47.7% आबादी शहरी और 52.3% ग्रामीण इलाकों में रहती है. जिले का साक्षरता दर 72.01% है. पुरूषों का शिक्षा दर 70.76% और महिलाओं का 51.99% है.
बोकारो का जातिगत गणित
अनुसूचित जातिः 299,227
अनुसूचित जनजातिः 255,626
जानिए...बोकारो में किस धर्म के कितने लोग रहते हैं
हिंदूः 1,636,460
मुस्लिमः 241,451
ईसाईः 13,730
सिखः 4,174
बौद्धः 1,890
जैनः 2,045
अन्य धर्मः 160,524
धर्म नहीं बतायाः 2,056
बोकारो में कामगारों की स्थिति
बोकारो जिले में 685,368 लोग रोजगार में हैं. इनमें से 55.5 फीसदी स्थाई रोजगार में हैं या साल में 6 महीने से ज्यादा कमाई करते हैं.
मुख्य कामगारः 380,304
किसानः 50,940
कृषि मजदूरः 23,861
घरेलू उद्योगः 10,564
अन्य कामगारः 294,939
सीमांत कामगारः 305,064
जो काम नहीं करतेः 1,376,962
बोकारो के पर्यटन स्थल, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत
बोकारो का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है लूगुबरू घंटाबाड़ी पहाड़ी. यहां पूरे भारत से संथाल आदिवासी अपने प्रभु लूगु बाबा की पूजा करने आते हैं. बोकारो स्टील सिटी के अंदर जवाहर लाल नेहरू जैविक पार्क है. इसमें कई दुर्लभ जाति के जीव-जंतु हैं. इसके अलावा सिटी पार्क और गरगा बांध भी दर्शनीय स्थल हैं.