झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के नतीजे सामने आ गए हैं. झारखंड में 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक पांच चरणों में 81 सीटों पर मतदान हुआ था. इन चुनाव में जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन को लोगों ने जमकर वोट दिया है. वहीं सत्ताधारी बीजेपी को लोगों ने नकार दिया है. राज्य के सरायकेला-खरसावां में तीन विधानसभा सीट है. इनमें इच्छागढ़, सरायकेला और खरसावां विधानसभा क्षेत्र शामिल है. इस चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सरायकेला, खरसावां और इच्छागढ़ तीनों सीट पर जीत दर्ज की है.
झारखंड चुनाव परिणाम 2019 Live: जानिए किस तरफ है रुझान, कौन जीता-कौन हारा?
यहां देखें सरायकेला-खरसावां जिले की विधानसभा सीटों से जुड़े अपडेट्स
सरायकेला
झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में इस बार भी सरायकेला से झारखंड मुक्ति मोर्चा से चंपई सोरेन ने जीत हासिल की है. चंपई सोरेन ने बीजेपी के गणेश महली को 15667 वोटों से मात दी. इस चुनाव में चंपई सोरेन को 111554 वोट मिले. वहीं गणेश महली को 95887 वोट हासिल हुए. 2014 विधानसभा चुनाव में भी यहां से झारखंड मुक्ति मोर्चा से चंपई सोरेन ने जीत दर्ज की थी.
खरसावां
झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में इस बार भी खरसावां सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के दशरथ ने जीत दर्ज की है. उन्होंने 22795 वोटों से बीजेपी के जवाहर लाल को मात दी. इस चुनाव में दशरथ को जहां 73341 वोट मिले तो वहीं बीजेपी के जवाहर लाल को 50546 वोट हासिल हुए. इस सीट के लिए मतदान 7 दिसंबर को हुआ था. वहीं 2014 के विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के दशरथ ने इस सीट पर 11966 वोटों के मार्जिन से जीत दर्ज की थी.
इच्छागढ़
झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में इस बार इच्छागढ़ विधानसभा सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा के सबिता महतो ने जीत दर्ज की है. सबिता महतो ने 18710 वोटों से आजसू के हरे लाल महतो को मात दी. इस चुनाव में सबिता महतो को जहां 57546 वोट मिले तो वहीं हरे लाल महतो को 38836 वोट हासिल हुए. यहां तीसरे चरण में 12 दिसंबर को मतदान हुआ था. 2014 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साधु चरण महतो ने यहां जीत हासिल की थी.
झारखंड चुनाव परिणाम पर विस्तृत कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
सरायकेला पहले रियासत थी. इसकी स्थापना 1620 में कुंवर विक्रम सिंह प्रथम ने की थी. जबकि, खरसावां रियासत की स्थापना 1650 में कुंवर पद्म सिंह ने की. आजादी के बाद दोनों ही रियासतों का विलय बिहार राज्य में हुआ. वर्ष 2000 में झारखंड जैसे ही बिहार से अलग हुआ सरायकेला-खरसावां को पश्चिम सिंहभूम से अलग कर झारखंड का 24वां जिला घोषित कर दिया गया. यह जिला पूर्व में पूर्वी सिंहभूम, दक्षिण पश्चिम सिंहभूम और उत्तर में पश्चिम बंगाल का पुरुलिया जिला है.
सरायकेला-खरसावां में भारी मात्रा में एस्बेस्टस, काइनाइट आदि खनिजों की भारी मात्रा में पाए जाते हैं. सरायकेला संगीत और नृत्य के लोगों का मक्का है. यह विश्व प्रसिद्ध छऊ नृत्य का गढ़ है. यहीं से इस नृत्य को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है. सरायकेला-खरसावां के चारों तरफ जंगल, पहाड़, नदियां आदि हैं. सरायकेला खरकई नदी के किनारे बसा है.
Jharkhand Election Results Live: जानिए झारखंड चुनाव परिणाम में किसने क्या कहा
सरायकेला-खरसावां की आबादी 10.65 लाख, साक्षरता 67.7% है
2011 की जनगणना के अनुसान सरायकेला-खरसावां की कुल आबादी 1,065,056 है. इनमें से 544,411 पुरुष और 520,645 महिलाएं हैं. जिले का औसत लिंगानुपात 956 है. जिले की 24.3 फीसदी आबादी शहरी और 75.7 फीसदी ग्रामीण इलाकों में रहती है. जिले की औसत साक्षरता दर 67.7 फीसदी है. पुरुषों में शिक्षा दर 67.11 फीसदी और महिलाओं में 47.57 फीसदी है.
सरायकेला-खरसावां का जातिगत गणित
अनुसूचित जातिः 56,195
अनुसूचित जनजातिः 374,642
जानिए...सरायकेला-खरसावां में किस धर्म के कितने लोग रहते हैं
हिंदूः 709,016
मुस्लिमः 63,588
ईसाईः 8,113
सिखः 1,114
बौद्धः 187
जैनः 72
अन्य धर्मः 280,469
जिन्होंने धर्म नहीं बतायाः 2,497
सरायकेला-खरसावां में कामगारों की स्थिति
सरायकेला-खरसावां की कुल आबादी में से 430,051 लोग किसी न किसी तरह के काम में लगे हैं. इनमें से 53.2 फीसदी आबादी या तो स्थाई रोजगार में है या फिर साल में 6 महीने से ज्यादा कमाई करते हैं.
मुख्य कामगारः 228,598
किसानः 57,441
कृषि मजदूरः 32,167
घरेलू उद्योगः 6,061
अन्य कामगारः 132,929
सीमांत कामगारः 201,453
जो काम नहीं करतेः 635,005
सरायकेला-खरसावां का पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत
दलमा टॉप चांडिल ब्लॉक मे स्थित है. यह समुद्र तल से 3000 फीट ऊंचाई पर मौजूद है. भगवान शिव का प्राचीन मंदिर हैं. यहां हर साल लाखों की संख्या में शिवभक्त आते हैं. यहां का सबसे बड़ा पर्यटक स्थल है चांडिल बांध. यह बांध स्वर्णरेखा और काकोरी नदी के संगम स्थल पर बना है. यहां पास में ही एक संग्रहालय हैं जहां चट्टानों पर लिखी 2000 साल पुरानी लिपियां हैं.