हरियाणा की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले हिसार जिले की सभी 7 विधानसभा सीटों पर नतीजे घोषित हो गए हैं. यहां की 3 विधानसभा सीटों पर बीजेपी और 3 सीटों पर जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने जीत हासिल की है. वहीं, इस जिले में कांग्रेस बेअसर रही है. उसे सिर्फ एक सीट हासिल हुई है. इस जिले में बीजेपी के दो बड़े चेहरों को हार का सामना करना पड़ा है. कैप्टन अभिमन्यु और सोनाली फोगाट को हार मिली है.
हिसार जिले के नतीजे...
> हिसार से बीजेपी के कमल गुप्ता ने कांग्रेस उम्मीदवार राम निवास रारा को 15832 मतों से हरा दिया.> नारनौंद कैंट से जेजेपी के राम कुमार गौतम ने बीजेपी के कैप्टन अभिमन्यु को 12029 मतों से हराया.
> नलवा कैंट से बीजेपी के रणबीर गंगवा आगे चल रहे हैं. वहीं, बीएसपी उम्मीदवार बजरंग इंडल पीछे चल रहे हैं.
> हांसी कैंट से बीजेपी के विनोद भयाना को जीत मिली है. उन्होंने जेजेपी उम्मीदवार राहुल मक्कार को 22260 मतों से हराया.
> आदमपुर कैंट से कांग्रेस के कुलदीप विश्नोई ने बीजेपी उम्मीदवार सोनाली फोगाट को 29,471 वोटों के अंतर से हरा दिया.
> उकलाना कैंट सीट पर जेजेपी के अनूप धनक ने जीत दर्ज की है. वहीं, बीजेपी उम्मीदवार आशा केदार को 23693 वोटों से हार का सामना करना पड़ा है.
> बरवाला कैंट से जेजेपी के जोगी राम सिहाग ने जीत दर्ज की है. बीजेपी के सुरेंदर पुनिया को 3908 वोटों से हार का सामना करना पड़ा है.
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बता दें कि बीजेपी के लिए बंजर रहे हिसार जिले में 2014 के बाद से पार्टी ने अपना जनाधार बढ़ाया था. 2014 में हिसार के सात विधानसभा में से दो पर बीजेपी, तीन पर इनेलो और दो पर कुलदीप बिश्नोई की पार्टी हरियाणा जनहित कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी.
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हिसार विधानसभा सीट से बीजेपी ने अपने मौजूदा विधायक डॉ. कमल गुप्ता को मैदान में एक फिर उतारा था. कमल गुप्ता के खिलाफ कांग्रेस ने रामनिवास राड़ा को उतारा था. जबकि जेजेपी ने जितेंद्र चौहान, इनेलो ने प्रमोद और बसपा ने मंजू दहिया पर दांव लगाया था.
2014 के चुनाव में बीजेपी के डॉ. कमल गुप्ता ने 42285 वोट हासिल कर कांग्रेस की दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल को मात दिया था. बता दें कि हिसार विधानसभा सीट पर 2014 से पहले ओपी जिंदल परिवार का 15 साल तक कब्जा रहा है.
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नारनौंद
बीजेपी ने अपने विधायक कैप्टन अभिमन्यु को उतारा था. जबकि कांग्रेस की ओर से बलजीत सिहाग, जेजेपी से पूर्व विधायक राम कुमार गौतम , इनेलो से जसबीर पेट वाड और बसपा से महेन्द्र सिंह चुनाव मैदान में थे. 2014 के चुनाव में नारनौंद विधानसभा सीट पर बीजेपी के कैप्टन अभिमन्यु ने 53,770 मत ले कर के इनेलो के राज सिंह मोर को मात दिया था.
नलवा
बीजेपी ने इनेलो के मौजूदा विधायक को अपने खेमे में शामिल किया था. इसीलिए बीजेपी ने रणबीर गंगवा को उतारा था. जबकि कांग्रेस ने कुलदीप बिश्नोई के करीबी माने जाने वाले रणधीर पनिहार, जेजेपी ने वीरेन्द्र चौधरी, बसपा ने बजरंग, इनेलो ने सतपाल पर दांव लगाया था. बता दें कि 2014 के विधानसभा चुनाव में इनेलो के रणबीर गंगवा ने 41950 मत हासिल कर पूर्व सीएम भजनलाल के बड़े बेटे चंद्रमोहन को हराया था.
हांसी
बीजेपी ने यहां से पूर्व विधायक विनोद भयाना को मैदान में उतारा था. जबकि कांग्रेस ने ओमप्रकाश पंघाल को और जेजेपी ने राहुल मक्कड़ को मैदान में उतारा था. बता दें कि 2014 के विधानसभा चुनाव में हांसी सीट से भजनलाल की बहू और कुलदीप बिश्नोई की पत्नी रेणुका बिश्नोई ने हरियाणा जनहित कांग्रेस की उम्मीदवार के रूप में 46335 वोट हासिल कर जीत दर्ज किया था. जबकि दूसरे नंबर पर इनेलो के उमेद सिंह लोहान थे.
आदमपुर
आदमपुर विधानसभा सीट से चौधरी भजनलाल परिवार का पिछले 51 सालों से इस क्षेत्र में राजनैतिक दबदबा रहा है. इसीलिए कांग्रेस से कुलदीप बिश्नोई मैदान में उतरे थे. कुलदीप विश्नोई के खिलाफ बीजेपी ने सेलिब्रेटी सोनाली फौगाट को उतारकर उनकी मुश्किलें बढ़ाने की कोशिश की थी.
जबकि इनेलो से राजेश गोदारा, जेजेपी से रमेश कुमार और बसपा से सतबीर छिंपा चुनाव मैदान में उतरे थे. बता दें कि 2014 के विधानसभा चुनाव में आदमपुर सीट पर कुलदीप बिश्नोई ने 56757 वोट हासिल कर जीत दर्ज किया था और दूसरे नंबर पर इनेलो के कुलवीर सिंह बेनीवाल रहे थे.
उकलाना
हिसार जिले की उकलाना विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है. बीजेपी ने आशा खेदड़ को मैदान में उतारा था तो कांग्रेस ने बाला देवी पर भरोसा जताया था. जबकि जेजेपी ने विधायक रहे अनुप धानक और इनेलो ने ललिता टॉक को उतारा था. बता दें कि 2014 के चुनाव में इस सीट पर इनेलो के अनूप धानक ने 58120 पर जीत दर्ज की थी और दूसरे नंबर पर बीजेपी की सीमा गैबीपुर रही थीं.
बरवाला
यहां 2014 में इनेलो से जीते वेदनारंग ने बीजेपी से ताल ठोका था. वेदनारंग के खिलाफ कांग्रेस ने भूपेंद्र गंगवा को उम्मीदवार बनाया था तो जेजेपी से जोगीराम सिहाग मैदान में थे.
वहीं, कांग्रेस के पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला ने बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर उतरे थे. बता दें कि 2014 के विधानसभा चुनाव में बरवाला सीट पर इनेलो के वेदनारंग ने 34,941 वोट हासिल कर विधायक बने थे. जबकि दूसरे नंबर पर बीजेपी के सुरेंद्र पुनिया रहे थे, जिन्हें 24,680 वोट मिले थे.