scorecardresearch
 

दिनारा विधानसभा सीटः हाई प्रोफाइल सीट पर इस बार JDU-RJD में दिख सकती है कांटे की टक्कर

दिनारा विधानसभा सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड के जय कुमार सिंह ने जीत हासिल की थी. उन्होंने रोमांचक मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी के राजेंद्र प्रसाद सिंह को 2,691 मतों के अंतर से हराया था. जय कुमार सिंह को चुनाव में 43% वोट मिले जबकि राजेंद्र प्रसाद सिंह को 41.2% वोट हासिल हुए. लेकिन इस बार जेडीयू और बीजेपी एक हो गए हैं और चुनौती आरजेडी से है.

दिनारा से जेडीयू से सीट छीन पाएगी राष्ट्रीय जनता दल (फाइल-पीटीआई) दिनारा से जेडीयू से सीट छीन पाएगी राष्ट्रीय जनता दल (फाइल-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिनारा सीट जनता दल यूनाइटेड के लिए मजबूत गढ़
  • लगातार 2 बार से जीत रहे JDU के जय कुमार सिंह
  • 2015 के चुनाव में 17 में से निर्दलीय थे 8 उम्मीदवार

दिनारा विधानसभा सीट की बिहार विधानसभा में सीट क्रम संख्या 210 है. यह विधानसभा क्षेत्र रोहतास जिले में पड़ता है और यह बक्सर (लोकसभा) निर्वाचन क्षेत्र का एक हिस्सा है. दिनारा सीट बिहार के हाई प्रोफाइल सीटों में शामिल है. यह सीट विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री जय कुमार सिंह के नाम से जानी जाती है.

कब चुनाव और कौन प्रत्याशी?

दिनारा विधानसभा सीट पर इस बार एनडीए की ओर से जेडीयू (JDU) ने अपने मौजूदा विधायक जय कुमार सिंह पर भरोसा जताया है जबकि आरजेडी की ओर से विजय मंडल उम्मीदवार हैं. राजेंद्र सिंह एलजेपी (LJP) से चुनावी मैदान में उतरे हैं. दिनारा विधानसभा सीट पर पहले चरण में 28 अक्टूबर को मतदान है.

बता दें कि इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव 3 चरणों में होंगे. पहले चरण का चुनाव 28 अक्टूबर को होगा, दूसरे चरण के लिए 3 नवंबर को वोट डाले जाएंगे जबकि तीसरे यानी आखिरी चरण का चुनाव 7 नवंबर को होगा. बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे. 

सीट का इतिहास

दिनारा विधानसभा सीट 2008 में परिसीमन आयोग की सिफारिश के बाद इस सीट के तहत दिनारा, सूरजपुरा, दवाथ कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक आते हैं. इस सीट पर किसी एक दल की पकड़ लंबे समय तक के लिए नहीं रही है. इस सीट से जीत की शुरुआत कांग्रेस ने की थी. लेकिन बाद में जनता दल और फिर जनता दल यूनाइटेड की गढ़ वाली सीट हो गई.

जनता दल यूनाइटेड की वापसी

1990 के बाद दिनारा सीट पर हुए विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो 1980 और 1985 में लगातार 2 चुनावों में शिकस्त खाने के बाद रामधनी सिंह ने जोरदार वापसी की और 1990 से लगातार 4 बार विधायक चुने गए. वह 1990 और 1995 में जनता दल के टिकट पर तो 2000 और फरवरी 2005 के चुनाव में जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर विधानसभा में पहुंचे.

हालांकि नवंबर 2005 में हुए चुनाव में रामधनी सिंह को फिर से हार का मुंह देखना पड़ा. उन्हें बहुजन समाज पार्टी की सीता सुंदरी देवी के हाथों हार का सामना करना पड़ा. हालांकि यह मुकाबला कांटे का रहा था और बसपा उम्मीदवार को महज 884 मतों के अंतर से जीत मिली थी.

2010 के विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड ने फिर से वापसी की और पार्टी के कद्दावर नेता जय कुमार सिंह ने इस बार राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर मैदान में उतरीं सीता सुंदरी देवी को 16 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से हराया था. जय कुमार सिंह की दिनारा से पहली जीत रही.   

कांटेदार रहा था 2015 का मुकाबला
2015 में हुए विधानसभा चुनाव में दिनारा विधानसभा सीट की बात की जाए तो इस सीट पर कुल 2,72,725 मतदाता थे जिसमें 1,46,630 पुरुष और 1,26,089 महिला मतदाता शामिल थे. 2,72,725 में से 1,50,539 मतदाताओं ने वोट डाले जिसमें 1,49,741 वोट वैध माने गए. इस सीट पर 55.2% मतदान हुआ था. जबकि नोटा के पक्ष में 798 लोगों ने वोट किया था.

दिनारा विधानसभा सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड के जय कुमार सिंह ने जीत हासिल की थी. उन्होंने रोमांचक मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी के राजेंद्र प्रसाद सिंह को 2,691 मतों के अंतर से हराया था. जय कुमार सिंह को चुनाव में 43% वोट मिले जबकि राजेंद्र प्रसाद सिंह को 41.2% वोट हासिल हुए. इस सीट पर 17 उम्मीदवार मैदान में थे जिसमें 8 निर्दलीय उम्मीदवार थे. तीसरे स्थान पर शिवसेना के बिनोद कुमार चौबे रहे थे. 

जय कुमार सिंह की शिक्षा के बारे में बात करें तो वह ग्रेजुएट हैं और 2015 में दाखिल हलफनामे के अनुसार उन पर 4 आपराधिक केस दर्ज थे. उनके पास 1,67,77,407 रुपये की संपत्ति है, जबकि उन पर 40,11,043 रुपये की लाइबिलटीज है.

हालांकि इस बार बिहार में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं और पिछली बार साथ मिलकर लड़ने वाली जनता दल यूनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल इस बार आमने-सामने होंगी, ऐसे में कोरोना संकट के दौर में हो रहे चुनाव पर सभी की नजर रहेगी.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें