कोरोना वायरस महामारी के चलते पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया है. इसी वजह से अभी तक यूपी बोर्ड का रिजल्ट जारी नहीं हो सका है. अभी सरकार इसके बारे में क्या सोच रही है, क्या है सरकार का आगे का प्लान, इसे लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने मंगलावर को यूपी बोर्ड की परीक्षा और रिजल्ट के बारे में जानकारी दी.
बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से सभी राज्यों ने बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं. लेकिन बिहार और उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस के प्रकोप से पहले ही 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं पूरी हो चुकी थीं. ऐसे में उत्तर प्रदेश के स्टूडेंट्स अपने रिजल्ट ( UP Board Results 2020) का इंतजार कर रहे हैं.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
ऑनलाइन लर्निंग व टीचिंग को लेकर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक सभी शिक्षामंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा बैठक कर रहे थे. बैठक में यूपी के उपमुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने जानकारी दी कि अगर स्थितियां सामान्य रहीं तो 3 मई को लॉकडाउन खुलने के बाद 4 मई से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू करवाया जा सकता है.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
इस समय सबसे महत्वपूर्ण काम प्रदेश के 275 केंद्रों पर 3.10 करोड़ से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन होना है. इसमें इस बार दोगुना समय लगने का अनुमान है. इस हालात में परिणाम जून के दूसरे सप्ताह से पहले आना मुश्किल है. कोरोना के कारण जो हालात पैदा हुए हैं उसमें से 25 से 20 दिन में कॉपियां जांचने का अनुमान है. जिन स्कूलों को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है वहां बैठने की सीमित जगह है. पहले एक बेंच पर चार-चार टीचर बैठकर कॉपियां जांच लेते थे, लेकिन केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार अब दो लोगों के बीच कम से कम दो मीटर की दूरी रखनी होगी. इसके लिए केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करके 2-2 सब्जेक्ट की कॉपियां जांचने की तैयारी की जा रही है.