आपने शायद ही कभी ऐसा देखा होगा कि किसी शख्स ने भिखारियों को देखकर अपना प्रोफेशन ही चेंज कर दिया. लेकिन वाटर मैनेजमेंट फील्ड में काम करने वाले पराग अग्रवाल ने ऐसा ही कुछ किया और आज वो कई लोगों की प्यास बुझाने में मदद कर रहे हैं. वॉटर मैनेजमेंट क्षेत्र में नौकरी करने वाले पराग इस फील्ड के अलावा कोई बड़े प्रोजेक्ट पर काम करना चाहते थे.
उस दौरान वो पुणे और मुंबई के बीच सफर करते थे, जहां वो भिखारियों को पैसे के बजाय पानी मांगते हुए देखते थे. उन्हें देखकर उन्होंने सोचा कि किसी को साफ पानी उपलब्ध करवाना एक सामाजिक कार्य भी हो सकता है और अच्छा बिजनेस भी हो सकता है. उसके बाद उन्होंने छोटे भाई अनुराग के साथ 'जनजल' नाम से वाटर सप्लाई की कंपनी खोली. वो इससे 125 मिलियन लीटर पानी भेज चुके हैं और वो वॉटर एटीएम के जरिए ऐसा करते हैं.
बता दें कि वैसे तो कई कंपनियों ने ऐसा काम करते हैं, लेकिन वो जनजल की तरह उनका रख-रखाव नहीं कर पाते हैं. जनजल कंपनी के वॉटर प्लांट के फिल्टर्स और अन्य पार्ट्स समय समय पर चेंज होते हैं और समय समय पर उनके क्वालिटी की जांच भी की जाती है. उनका कहना है कि अब ग्राहक बहुत खुश हैं, क्योंकि उन्हें कम पैसों में अच्छा पानी मिल रहा है.
अब कंपनी ने कई बड़ी कंपनियों के साथ समझौता कर लिया है और अब कंपनी साफ पानी देने, एटीएम आदि की रख-रखाव करते हुए साफ पानी उपलब्ध करवा रही है.