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... एक सुपरहीरो जिसने बनाया मकड़ी के जाल को अपनी ताकत

यूं तो कई सुपरहीरो ने हमें दीवाना बनाया, लेकिन स्पाइडरमैन की बात अलग है. हम के सबके बचपन के सुपरहीरों का जन्म आज ही दिन हुआ था.

SpiderMan SpiderMan

बचपन से ही हम सुपरहीरो की कहानी सुनते आ रहे है. जहां सुपरमैन, बेटमैन का हर बच्चा दीवाना है. वहीं स्पाइडर की बात ना हो ऐसा हो नहीं सकता. मकड़ी के जाल को ताकत बनाकर समाज की बुराइयों से लड़ने वाला स्पाइडरमैन का जन्म साल 1962 में 10 अगस्त को पैदा हुआ था.

जानें आपका ये सुपरहीरो कैसे आया आपके बीच में

1. स्पाइडरमैन को लेखक स्टैन ली और आर्टिस्ट स्टीव डिटको ने वजूद दिया.

2. पहली बार ये कॉमिक बुक अमेजिंग फैंटेसी #15 में नजर आया.

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3. कहानी कुछ इस तरह है कि पीटर पार्कर नामक एक साधारण सा युवक है जिसे एक रेडियोधर्मी मकड़ी काट जाती है जिसके फलस्वरूप उसमें अभूतपूर्व फुर्ती और शक्ति आ जाती है.

4. स्पाइडरमैन इंडिया में साल 2004 में आई, जो 4 इश्यू की सीरीज थी, जिसमें भारतीय सुपरहीरो का नाम पवित्र प्रभाकर था.

5. स्पाइडरमैन की कहानी कुछ इस तरह है. पवित्र प्रभाकर, एक गरीब भारतीय लड़का है जो कि एक गांव मे रहता है और पढ़ाई के लिये अपनी आण्टी माया तथा अंकल भीम के साथ मुम्बई चला जाता है. उसके माता-पिता कुछ साल पहले मर चुके हैं. स्कूल में दूसरे छात्र उसे छेड़ते हैं तथा पीटते हैं. वह जानता है कि उसके अंकल भीम उसे तथा उसकी आण्टी माया को सहारा देने के लिये संघर्ष कर रहे हैं तथा स्कूल को चुका रहे हैं. सिर्फ स्कूल की एक लड़की मीरा उसकी मित्र बनती है. इसी दौरान एक स्थानीय अपराध सरगना नलिन ओबरॉय एक amulet का प्रयोग एक प्राचीन परम्परा को करने के लिये करता है जहां उसका सामना एक शैतान से होता है जो कि अन्य शैतानों के पृथ्वी पर वापस आने के लिये द्वारा खोलने के लिये प्रतिबद्ध है. अन्य बच्चों द्वारा पीछा किये जाने के दौरान पवित्र एक प्राचीन योगी से मिलता है जोकि उसे दुनिया के लिये खतरा बनी बुरी शक्तियों से लड़ने के लिये मकड़ी की शक्तियां देता है.

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6. स्पाइडरमैन की फिल्में छठी सबसे कामयाब फिल्म फ्रेंचाइची हैं और इसकी 5 फिल्मों ने दुनिया भर में 3.96 अरब की कमाई की.

7. आपको बतादें मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के जरनल ‘प्रोसीडिंग ऑफ द नेशनल अकादमी’में प्रकाशित शोध में वैज्ञानिकों ने यह खुलासा किया था कि गेकोस नामक सरीसृप प्रजाति अपने चिपचिपे पैरों के सहारे आराम से दीवारों पर चढ़ने में सक्षम है. लेकिन अमेरिका की कॉमिक्स और हॉलीवुड फिल्मों में लोकप्रिय कल्पनीय सुपरहीरो ‘स्पाइडरमैन’ का असल जीवन में अस्तित्व नहीं हो सकता. ब्रिटेन के वैज्ञानिकों की एक टीम ने जारी एक नए शोध में यह बात कही थी.

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8. वहीं स्पाइडरमैन जैसे करैक्टर सिर्फ कार्टून में ही हो सकते हैं क्योंकि अगर मनुष्य को स्पाइडरमैन की तरह दीवार पर चढ़ना है, तो उसके बड़े चिपचिपे पैरों की जरूरत है.

 

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