ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स अपनी पत्नी कैमिला पार्कर के साथ 8 नवंबर को दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे थे. जहां उन्होंने भारत के लिए नए शिक्षा बॉन्ड का समर्थन किया. ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स ने उस नए विकास बॉन्ड का समर्थन किया है जिसका उद्देश्य भारत में वंचित तबके के बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना है.
एक करोड़ डॉलर के एजुकेशन डेवलपमेंट इम्पेक्ट बॉन्ड डीआईबी की स्थापना ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट ने की है. इस ट्रस्ट की स्थापना प्रिंस ऑफ वेल्स ने दक्षिण एशिया में गरीबी से निपटने के लिए की थी. डीआईबी का उद्देश्य भारत में वंचित तबके के हजारों बच्चों के लिए अध्ययन के परिणामों को बेहतर बनाना है.
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यह बॉन्ड नवोन्मेष तथा सतत सामाजिक प्रभाव में निवेश का जरिया है जिसे शिक्षा पहलों में प्रदर्शन तथा परिणामों से जोड़ा जाएगा. इसकी शुरुआत भारत में होगी और बाद में ट्रस्ट के अभियान के दायरे में आने वाले अन्य क्षेत्रों में भी इसे आजमाया जाएगा. भाषा की रिपोर्ट के अनुसार प्रिंस चार्ल्स ने दिल्ली में कहा कि उम्मीद है कि ट्रस्ट के जरिए हम न केवल भारत के बच्चों के जीवन को प्रभावित कर सकेंगे, बल्कि दुनिया भर में परमार्थ कार्य में लगे लोगों की मानसिकता को भी बदल सकेंगे.
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ट्रस्ट और यूबीएस ऑप्टिमस फाउंडेशन ने मिलकर एजुकेशन डेवलपमेंट इम्पेक्ट बांड बनाया है जिसका उद्देश्य भारत में शिक्षा के भविष्य में बदलाव लाना है. इस पहल के तहत डीआईबी देश में चार स्थानीय गैर लाभकारी साझोदारों को चार वर्षों तक निधि उपलब्ध करवाएगा. इसका लक्ष्य दिल्ली, गुजरात और राजस्थान में वंचित तबकों के प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 2,00,000 छात्रों में पढ़ने-लिखने तथा गणना करने के स्तर को बेहतर बनाना है.