स्टूडेंट्स के बढ़ते विरोध के बाद एचआरडी मिनिस्टर स्मृति ईरानी ने यह साफ कर दिया है कि नॉन नेट फेलोशिप को बंद नहीं किया जाएगा.
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने रविवार रात एक बयान में कहा, सरकार ने नेट और नॉन नेट फेलोशिप दोनों को लेकर यूजीसी की ओर से दी जाने वाली शोध छात्रवृत्तियों से संबंधित मुद्दों पर गौर करने के लिए एक समीक्षा समिति गठित करने का फैसला किया है. समीक्षा समिति दिसंबर 2015 तक मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट देगी.
Govt appoints Review Committee to go into issues related to research fellowships provided by UGC, covering both NET & Non-NET fellowships.
— All India Radio News (@airnewsalerts) October 25, 2015
दरअसल यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने एमफिल और पीएचडी स्टूडेंट्स को दी जाने वाली नॉन-नेट फेलोशिप को खत्म कर दिया था. स्टूडेंट्स ने मांग की थी कि इससे बड़े पैमाने पर उन स्टूडेंट्स का नुकसान होगा जो गरीब परिवार से आते हैं. यह फेलोशिप उन स्टूडेंट्स को मिलथी जो नेट क्वालिफाई नहीं थे. फेलोशिप के तहत एमफिल के छात्रों को हर महीने 5 हजार रुपये और पीएचडी स्टूडेंट्स को 8 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते थे.