पर्यावरण की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल और कॉलेज में छात्रों से अनुरोध किया जा रहा है कि वह ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाएं. ऐसे में कई स्कूल- कॉलेज अपनी ओर से पहल कर रहे हैं. वहीं गुजरात यूनिवर्सिटी ने छात्रों को सजा के रूप में पौधे लगाने की पहल शुरू की है. दरअसल अब गलती की सजा छात्रों को पौधे लगाने की मिलेगी.
प्रोफेसर एम पटेल कहते हैं, " छात्र अक्सर गलतियां करते हैं, जिसकी वजह से छात्रों को अलग-अलग कारणों से सजा दी जाती है. ऐसे में हमने सोचा कि क्यों न छात्रों को ऐसी सजा दी जाए जिसमें पर्यावरण का फायदा हो. इसलिए हमने सजा के रूप में छात्रों को पौधे रोपने का काम दिया.

आपको बता दें, इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) और इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (IP) ने भी पौधे लगाने की अनोखी शर्त रखी थी. उन्होंने कहा था नए दाखिला लेने वाले सभी छात्रों के लिए दाखिले के पहले साल मे 10 पौधे लगाने अनिवार्य हैं.

वहीं बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मधुबनी प्रखंड का एक स्कूल न केवल बच्चों को किताबी ज्ञान दे रहा है बल्कि पर्यावरण का भी पाठ पढ़ा रहा है. यहां नामांकन लेने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल में अपने वर्ग में प्रवेश करने के पहले स्कूल परिसर में एक पौधा लगाना पड़ता है. यह नियम शिक्षकों के लिए भी लागू है. शिक्षक भी अगर तबादला होकर यहां आते हैं, तो उन्हें सबसे पहले स्कूल परिसर में पौधा लगाना होता है. शिक्षक भी अगर तबादला होकर यहां आते हैं, तो उन्हें सबसे पहले स्कूल परिसर में पौधा लगाना होता है.