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इस कुलपति ने गोद लिए 50 गांव, कैंपस में करा रहे IAS-PCS की फ्री कोचिंग

पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के कुलपति ने नई पहल करते हुए आसपास के जिले के 50 गांव को गोद लिए हैं. साथ ही कैंपस में आईएएस आईपीएस का सपना देख रहे युवाओं के लिए फ्री कोचिंग की पहल की है. ये है खास वजह.

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डॉ राजाराम यादव, कुलपति
डॉ राजाराम यादव, कुलपति

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के कुलपति प्रोफेसर डॉ. राजाराम यादव ने 50 गांवों को गोद लेकर वहां के बच्चों के सपनों को साकार करने का बीड़ा उठाया है. वो मई 2017 से इस यूनिवर्सिटी के कुलपति पद पर हैं. वो बताते हैं कि शुरू में मेरा यह विजन था कि यहां बेसिक साइंस की कक्षाएं शुरू की जाएं.

परिसर में अधिक से अधिक पाठ्यक्रम शुरू हो, ताकि विश्वविद्यालय आर्थिक रूप से मजबूत हो और यहां के बच्चों को अच्छे पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए कहीं दूर के विश्वविद्यालयों में न जाना पड़े. विश्वंविद्यालय में शोध/अनुसंधान के अलावा कैम्पस से ही युवाओं को रोजगार मिले.

इसलिए गोद लिए 50 गांव

डॉ यादव कहते हैं कि मैंने आसपास के गांवों में ऐसा पाया कि वहां अभी विकास पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है. इसलिए मैंने गांवों को अपनाकर यहां स्वास्थ्य शिविर लगाकर सभी के स्वास्थ्य परीक्षण कराना, कुपोषित बच्चों को दवा एवं पौष्टिक आहार देना, गांव के लोगों की टीवी जैसी अन्य असाध्य बीमारियों की जांच करा र उनका समुचित इलाज कराने के साथ-साथ उनकी देखभाल करने का लक्ष्य रखा है. इसके अलावा यहां बच्चे स्कूल जाएं उसकी पूरी व्यवस्था करना और उनके माता-पिता को जागरूक करना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता में है . विश्वविद्यालय के अध्यापक और अधिकारी भी बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए काम करने के लिए आगे आए हैं.

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बता दें कि कुलपति का कार्यकाल बीतने में बहुत कम समय बचा है. इससे पहले वो कई अधूरे काम पूरे काम करना चाहते हैं. इससे पहले उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जूभैय्या) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान की स्थापना की. इस संस्थान में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, भूगर्भ विज्ञान जैसे डिमांडेड पाठ्यक्रम को शुरू किए और इस विषय में संस्थान में शोध कार्य भी चल रहा है.

शोधार्थियों के किसी प्रकार की दिक्कत ना आए इसके लिए इस संस्थान में अत्याधुनिक उपकरणों को लगाया गया है जो कि देश के बड़े-बड़े केंद्रीय शोध संस्थाओं तक ही सीमित माने जाते रहे हैं. वीसी ने इसके अलावा दो महत्वपूर्ण रिसर्च सेंटर (नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर वैकल्पिक ऊर्जा सेंटर) स्थापित किए. इस कैंपस में बी.ए. एल.एल.बी. इंटीग्रेटेड कोर्स प्रारंभ किया. बी.एस.सी. एम.टेक. बी.सी.ए. कोर्स शुरू करने के अलावा स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया . यहां से अब तक 9 महीने की ट्रेनिंग के बाद 30 छात्रों को रोजगार मिला है. ये सभी छात्र 12वीं पास हैं और सुदूर गांव के रहने वाले हैं.

शुरू की UPSC के लिए निशुल्क कोचिंग

वीसी ने बताया किम विश्वविद्यालय के आसपास के जिले के लोग काफी गरीब और पिछड़े हैं. इसको ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में आईएएस, पीसीएस की निशुल्क कोचिंग चलाई जाती है, जिनमें गरीब और आार्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश दिया जाता है. इस कोचिंग में जाने-माने एवं प्रतिष्ठित विशेषज्ञ क्लास लेते हैं. धीरे धीरे इसके अच्छे परिणाम आने शुरू हो रहे हैं.

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