एक शिक्षक की जिन्दगी का सबसे अनोखा पल वो होता है जब उसके पढ़ाए शिष्य कोई बड़ा काम कर जाते हैं. लेकिन, कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं जो अपने ही स्टूडेंट्स को ये गर्व महसूस करा देते हैं कि वो उनके टीचर्स थे. यहां कुछ ऐसे ही टीचर्स के बारे में हम आपको बता रहे हैं जो 2019 में सोशल मीडिया पर खूब सराहे गए. देश विदेश में लोग इनकी मिसाल देते नहीं थके. आइए जानें-
जिंदगी नाम से कोचिंग चलाने वाले अजयवीर अनोखी मिसाल बने है. अजयवीर ओडिशा में निम्न आय वर्ग के बच्चों को NEET की फ्री कोचिंग देते हैं. हैरान करने वाली बात ये है कि इस साल उनके सभी 14 स्टूडेंट्स ने नीट 2019 की परीक्षा पास की है. 46 साल के अजयवीर एक शिक्षक के तौर पर अपने स्टूडेंट्स के लिए मिसाल हैं. उन्होंने चाय बेचकर भी अपने छात्रों को मुफ्त कोचिंग दी.
जब टीचर ने ली विदाई, तो रो पड़ा स्कूल का हर बच्चा
उत्तराखंड के आशीष डंगवाल की ये फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल रही. उनके विदाई समारोह में उन्हें ढोल बजाकर विदाई दी गई. उनके सम्मान में स्कूल के बच्चे तो बच्चे उनके माता-पिता, आस पास के गांव वाले भी खुद के आंसू नहीं रोक सके. इस फोटो में भी गांव वालों और छात्रों का दुख साफ साफ दिखा. बच्चे रो-रोकर एक ही बात बोल रहे थे सर, आप ना जाओ.
बुलंदशहर के सुनील कुमार ने अपने ही सरकारी स्कूल में लड़कियों के लिए टॉयलेट बनवाकर एक नजीर दी. इस स्कूल में लड़कियों की उपस्थिति कम हो गई थी. उनका कहना है कि फरवरी में केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया था कि देश भर में 37,956 स्कूल ऐसे हैं जहां लड़कियों के लिए शौचालय नहीं हैं. मुझे ये सुनकर बेहद दुख हुआ. मुझे ये भी पता चला कि उत्तर प्रदेश में भी ऐसे 745 सरकारी स्कूल हैं जो शौचालय की समस्या से जूझ रहे हैं. उनके इस काम की हर तरफ मीडिया और सोशल मीडिया में खूब सराहना हुई.
सोशल मीडिया पर ओडिशा के एक हेडमास्टर के वीडियो वायरल हो रहे हैं. ये ओडिशा के एक सरकारी स्कूल में प्रभारी हेडमास्टर प्रफुल्ल कुमार पाथी है. पाथी बच्चों को अपने अनोखे अंदाज में पढ़ाने के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में उनका एक और वीडियो वायरल हुआ जिसमें वो बच्चों को नाचकर पढ़ाते नजर आ रहे हैं. प्रफुल्ल कुमार आम शिक्षा पद्धति से हटकर अपने नूतन प्रयोग के लिए सोशल मीडिया में बीती 25 अगस्त से छाए हैं. उनके वीडियो लोग खूब तारीफ के साथ शेयर कर रहे हैं.
राजस्थान के अलवर जिले में स्थित लक्ष्मणगढ़ के मलावरी गांव के टीचर रमेश चंद्र मीणा 31 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं. जीवन भर ईमानदारी से पढ़ाने वाले इस टीचर ने रिटायरमेंट के दिन घर जाने के लिए हेलिकॉप्टर बुक कराया है. उनके इस फैसले के बाद वो सोशल मीडिया में छा गए. जहां सोशल मीडिया ने कुछ लोगों ने उनके फैसले पर तंज कसा तो वहीं बड़ी संख्या में उनके स्टूडेंट इस कदम की सराहना कर रहे हैं. उनका कहना है कि टीचर को इसका पूरा हक है कि वो अपनी जिंदगी का ये दिन यादगार बनाएं.
ग्लोबल टीचर प्राइज के विजेता केन्या के टीचर पीटर तबिची को भी इंटरनेशनल मीडिया में खूब सराहना मिली है. पीटर तबिची अफ्रीका के रहने वाले पहले ऐसे टीचर हैं, जिन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. पीटर केन्या के देहात क्षेत्र नकुरु में पढ़ाई करवाते हैं. वो गरीब बच्चों को शिक्षा देने को लेकर इतने कार्य करते हैं कि वे बच्चों की पढ़ाई के लिए अपनी सैलरी भी दान कर देते हैं.