ये है राष्ट्रपति भवन का वो हिस्सा जहां से आगे आम आदमी को जाने की अनुमति नहीं है. देशभर से राष्ट्रपति भवन देखने आने वाले ज्यादातर लोग यहीं अपनी, अपने दोस्तों की तस्वीर लेते हैं और इस विशाल भवन को देखते हुए लौट जाते हैं. लेकिन aajtak.in आपको राष्ट्रपति भवन के अंदर लेकर चल रहा है...
शुरुआत करते हैं राष्ट्रपति के गैराज से. यहां राष्ट्रपति की वो तमाम गाड़ियां मौजूद हैं, जो उनके काफिले में चलती है. इसमें भी सबसे ख़ास है दो बुलेटप्रूफ लिमोजिन कार. इसे चलाने वाले ड्राइवर लाल और सुनहरे रंग की पोशाक में होते हैं. लिमोजिन कारें खास मौकों पर निकाली जाती है. पहले वायसराय रॉल्स रॉयस कार में सवार होते थे, लेकिन अब राष्ट्रपति मर्सडीज बेंज F600 में चलते हैं. इसके अलावा उनके काफिले में एम्बुलेंस भी होती हैं. गराज यूनिट में 70 लोगों का स्टाफ है, जिसमें ड्राइवर, टेक्नीशियन, क्लर्क आदि मौजूद हैं.
ये है वो स्थान, जहां राष्ट्रपति भवन में काम करने वाले कर्मचारी अपने कपड़े बदलते हैं और तैयार होते हैं.
राष्ट्रपति भले ही ब्लूटप्रूफ कार में सफर करते हों, लेकिन राष्ट्रपति भवन में बग्गी का खास महत्व है. राष्ट्रपति कई मौकों पर बग्गी का ही इस्तेमाल करते हैं, जिसमें शपथ समारोह आदि शामिल है.
आपने राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित हो रहे कार्यक्रम के दौरान तो इसे कई बार देखा होगा, लेकिन यह दरबार हॉल हकीकत में ऐसा है. यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक कुर्सी की जगह तय होती है और उसके आधार पर ही उनकी जांच की जाती है.
ये है राष्ट्रपति भवन में बने गार्डन की तस्वीर.
राष्ट्रपति की सुरक्षा सबसे अहम है और इसके लिए उनके अंगरक्षक हमेशा तैनात रहते हैं. यह तस्वीर उस स्थान की है, जहां राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगे घोड़ों के सामान रखे जाते हैं.
यह है वो स्थान, जहां राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले डिनर का इंतजाम किया जाता है, जो एक फाइव स्टार से कम नहीं है.
राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति का खाना भी अहम होता है, इसमें बर्तन से लेकर खाने के स्वाद तक का बहुत ध्यान दिया जाता है.
बता दें कि हाल ही में 'लाइफ ऐट राष्ट्रपति भवन' नाम से एक फोटोबुक आई है
जो कि हमें इस महान इमारत के इतिहास और वर्तमान की एक शानदार झलक देता है.
इस किताब के हर पन्ने पर इमारत की बनावट, उसका रखरखाव और रखरखाव करने वालों
की कहानी तस्वीरों में दर्ज है. जिससे ये तस्वीरें ली गई हैं.
इस फोटोबुक को राष्ट्रपति भवन सचिवालय के साथ इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर
द आर्ट्स(IGANCA), सूचना प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन डिविजन और कला के
क्षेत्र में काम करने वाली गैर सरकारी संस्था सहपीडिया ने प्रकाशित किया
है. किताब में छपी पुरानी तस्वीरें तो राष्ट्रपति भवन के फोटो डिविजन की
हैं लेकिन आज के राष्ट्रपति भवन की जो मनोरम झलकी आपने देखी है वो देश के
जानमाने और वरिष्ठ फोटोग्राफर दिनेश खन्ना का कमाल है. किताब का
संपादन किया है सुधा गोपालकृष्णा और यश्विनी चंद्रा ने.
इस किताब के मुख्य फोटोग्राफर हैं, दिनेश खन्ना. दिनेश स्वतंत्र फोटोग्राफर हैं और कैमरे से कमाल दिखाने में माहिर हैं. पिछले 26 साल से फोटोग्राफी में सक्रिय हैं.