ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ को आईसीसी ने एक टेस्ट मैच के लिए निलंबित किया है. आईसीसी ने यह फैसला बॉल टेंपरिंग विवाद के बाद लिया है. स्मिथ पर मैच फीस का 100 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया गया है. वहीं स्मिथ के अलावा ऑस्ट्रेलियाई टीम के ओपनिंग बल्लेबाज कैमरन बेनक्रॉफ्ट को आईसीसी ने 3 डिमेरिट अंक दिए हैं. साथ ही उन पर मैच फीस का 75 प्रतिशत जुर्माना लगाया है. आइए जानते हैं क्या है ये पूरा विवाद और आईसीसी के क्या क्या नियम हैं, जिसके आधार पर खिलाड़ियों पर कार्रवाई की जाती है...
क्या है मामला- बता दें कि क्रिकेट आस्ट्रेलिया की वेबसाइट के मुताबिक बेनक्रॉफ्ट को मैच के दौरान अपनी पैंट से कोई पीले रंग की वस्तु निकालते हुए देखा गया था. इसके बाद अंपायरों ने उनसे पूछा था कि उनकी जेब में वो क्या था. वीडियो में दिखाया गया है कि बेनक्रॉफ्ट गेंद पर कुछ लगा रहे हैं और उसे फिर वापस अपनी जेब में रख रहे हैं, बेनक्रॉफ्ट ने माना है कि वो पीले रंग का टेप था.
हाल ही में बांग्लादेश बनाम श्रीलंका टी-20 मैच के दौरान हुए ड्रामे के बाद आईसीसी ने खिलाड़ियों पर कार्रवाई की थी. आईसीसी ने खिलाड़ियों पर अलग अलग आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर 25 फीसदी जु्र्माना लगाया थी. साथ ही उनके खाते में डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया. आइए जानते हैं, क्या हैं खिलाड़ियों पर कार्रवाई के नियम-
लेवल 1- लेवल एक में लोगो की नीति का उल्लंघन करना (व्यावसायिक लोगो या खिलाड़ी के बैट के लोगो को छोड़कर), मैदान के किसी भी हिस्से का दुरुपयोग करना, अंपायर के फैसले पर असहमति दिखाना, वो इशारे दिखाना या भाषा का इस्तेमाल करना जो कि जो अश्लील, अपमानजनक या अपमानजनक हो, बल्लेबाज के जाने पर फील्डर की ओर से पवेलियन के लिए इशारा करना आता है. ऐसी स्थिति में 0 से 50 फीसदी तक मैच फीस का जुर्माना लगाया जा सकता है.
लेवल 2- लेवल 2 के आधार पर तब कार्रवाई की जाती है, जब खिलाड़ी 12 महीने के भीतर ही लेवल 1 की गलती दोबारा दोहराए. साथ ही लेवल 2 में अंपायर के फैसले को लेकर गंभीर असहमति जताना, मैच से संबंधित घटना या मैच अधिकारियों की सार्वजनिक आलोचना करना, मैच के दौरान खिलाड़ियों के बीच अनुचित और जानबूझकर शारीरिक संपर्क करना, अंपायर की तरह आक्रामक अपील करना, फील्ड में रुकावट पैदा करना, अंपायर या अधिकारी की तरह आक्रामक होकर गेंद फेंकना, गलत भाषा का इस्तेमाल, नतीजों में बदलाव की कोशिश करना आता है. ऐसी स्थिति में 50 से 100 फीसदी तक जुर्माना लगाया जा सकता है और 1 टेस्ट या दो वनडे पर बैन लगाया जा सकता है. बता दें कि बेनक्रॉफ्ट पर इस लेवल के तरह ही कार्रवाई हुई है.
लेवल 3- इसमें लेवल 2 के उल्लंघन को 12 महीने के भीतर वापस दोहराना गलत है. साथ ही लेवल 3 में अंपायर या रेफरी को धमकी देना, किसी खिलाड़ी, टीम अधिकारी, दर्शक को धमकी देना और ऐसी भाषा या इशारों का उपयोग करना, जो कि नस्ल, धर्म, रंग, वंश या राष्ट्रीय या जातीय मूल को अपमानित करता है आता है. लेवल 3 उल्लंघन पर 2 से चार टेस्ट या 4 से 8 वनडे मैच पर बैन लगाया जा सकता है.
लेवल 4- लेवल 4 के स्तर पर कार्रवाई तब की जाती है, जब खिलाड़ी लेवल 3 का उल्लंघन एक साल में दोबारा करे. इसमें खिलाड़ी, अंपायर, रेफरी, अधिकारी से मारपीट, मैच के दौरान हिंसा आदि शामिल है. इस लेवल के उल्लंघन पर 5 टेस्ट मैच से आजीवन प्रतिबंध और 20 वनडे से आजीवन प्रतिबंध लगाया जा सकता है.
आईसीसी लेवल के आधार पर खिलाड़ियों पर कार्रवाई करता है और हर लेवल के आधार पर उनके अपराध तय है. बता दें कि आईसीसी चार लेवल के आधार पर खिलाड़ियों पर कार्रवाई करता है और उसके अनुसार ही जुर्माना लगाया जाता है.