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जामिया का सुपर-30, जहां फ्री कोचिंग पाकर बनते हैं IAS

जामिया का सुपर-30, जहां फ्री कोचिंग पाकर बनते हैं IAS
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जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली की एक ऐसी केंद्रीय यूनिवर्सिटी है जो अपनी रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी के लिए भी पहचानी जाती है. बीते 18 साल से ये कोचिंग गरीब तबके के होनहार 150 बच्चों को हर साल मुफ्त तैयारी कराकर आईएएस की परीक्षा पास कराती है. साल 2018 में देश के तीसरे नंबर के यूपीएससी टॉपर जुनैद अहमद भी इसी कोचिंग की देन हैं. जानें, इस कोचिंग की नींव रखने के पीछे क्या है वजह और कैसे मिल सकता है यहां एडमिशन.
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इस रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी (आरसीए) में यूपीएससी सिविल सर्विसेज़-2020 की परीक्षाओं की कोचिंग के लिए इस साल 13129 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है. ये संख्या पिछले साल की 7245 छात्रों के मुकाबले 80 फीसदी ज्यादा है. इस एकेडमी के मानद निदेशक अवकाशप्राप्त आईएएस एमए फारुकी ने बताया कि कोचिंग लेने वाले उम्मीदवारों की सफलता दर यहां के अच्छे अकादमिक माहौल और जामिया फैकल्टी तथा गेस्ट टीचर्स से मिलने वाले बेहतरीन समर्थन के कारण होती है.
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फारुकी ने बताया कि यहां कोचिंग पाने की ख्वाहिश रखने वालों में बड़े पैमाने पर इज़ाफा हो रहा है. अगर कोई भी उम्मीदवार यहां एडमिशन लेना चाहता है तो वो www.jmi.ac.in पर जाकर जानकारी हासिल कर सकता है. वेबसाइट के सेंटर फॉर कोचिंग एंड करियर प्लानिंग सेक्शन में इसके बारे में पूरी जानकारी दी गई है. अभी से आप 2020 में एडमिशन के लिए जानकारी ले सकते हैं.


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उल्लेखनीय है कि साल 2018 की सिवल सेवा परीक्षाओं में यहां से कोचिंग पाने वाले जुनैद अहमद तीसरे नंबर के टापर रहे. यहां जामिया की फैकल्टी तो पढ़ाती ही हैं, साथ में विभिन्न मंत्रालयों के सीनियर आईएएस भी आकर तैयारी कर रहे छात्रों को यूपीएससी क्रैक करने का गुर देते हैं. यही वजह है कि 2018 में ही आरसीए से कोचिंग पाने वालों में से 43 उम्मीदवार यूपीएससी सिवल सेवा परीक्षाओं में कामयाब हुए थे.

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सीनियर आईएएस लेते हैं क्लास

इनमें से 29 ने आरसीए में रह कर कोचिंग पाई और 14 अन्य को ओरिएन्टेशन क्लासेज़, एक्सपर्ट लेक्चर और मॉक इंटरव्यू के जरिये इंटरव्यू प्रोग्राम के लिए ट्रेंड किया गया था. जामिया में आरसीए की स्थापना 2010 में हुई थी. उसके बाद से यह एकेदमी 200 से ज्यादा सिविल सर्वेंट बना चुकी है और बाकी 250 छात्र,  दीगर केन्द्रीय और प्रांतीय सेवाओं के लिए चुने गए हैं.
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यूजीसी ने की थी शुरुआत

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को लोक सेवाओं की परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी के लिए सेवाएं मुहैया कराने के लिए साल 2010 में आरसीए का गठन किया था. इसमें चुने जाने वाले उम्मीदवारों को अखिल भारतीय स्तर पर लिखित परीक्षाओं और इंटरव्यू की कड़ी प्रक्रिया से गुज़रना होता है.
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आरसीए, बहुआयामी कोचिंग और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम पर खास जोर देती है. इसमें प्रिलिम्स, मेन परीक्षाओं और इंटरव्यू आदि की तैयारी के लिए कई दौर के तैयारी कार्यक्रम चलाए जाते हैं. इसके लिए कुल मिलाकर तकरीबन 500 घंटों की क्लास होती हैं. यहां होने वाले ग्रुप डिस्कशन, बहुत सारी परीक्षाएं और मॉक इंटरव्यू छात्रों को पूरी तरह से तैयार करते हैं.
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जामिया की इस एकेडमी में 24 घंटे एयर कंडीशंड लाइब्रेरी सेवाएं और मुफ्त वाई-फाई मुहैया कराती है. अकादमी के लिए चुने गए छात्रों को हॉस्टल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती है. जामिया के मीडिया संयोजक अहमद अजीम बताते हैं कि कोचिंग में पढ़ने वालों की आर्थिक मदद भी की जाती है.
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