क्या है 15 अगस्त की तारीख तय होने का किस्सा
ये भारत के आजाद होने से करीब ढाई महीने पहले का
किस्सा है. जब लॉर्ड माउंटबेटन महात्मा गांधी को भारत के बंटवारे
के लिए मना चुके थे. और सारी चीजें उनके पक्ष में हैं.
ऐसे में लॉर्ड माउंटबेटन एक प्रेस कॉफ्रेंस करते हैं जिसमें
वह बताते हैं कि किस तरह से करोड़ों लोगों का विस्थापन
होगा और किस तरह से भोगौलिक आधार पर दोनों मुल्कों
( पाकिस्तान और भारत) को बांटा जाएगा.