जब आप दूसरों के साथ मिलकर किसी टीम में काम कर रहे हों तो किसी भी बात पर एक जैसा मत न होना आम बात है. इसके चलते कई बार टीम में विवाद की स्थिति भी बन जाती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हर व्यक्ति के अपने विचार अलग होते हैं. लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आपकी टीम सफलतापूर्वक अपने लक्ष्य को हासिल करे तो जरूरी है कि टीम के सभी सदस्य एक बात पर अपना मत बनाएं, इसकी जिम्मेदारी सबसे ज्यादा टीम लीडर पर होती है. लेकिन कई बार होता है कि तमाम कोशिशों के बाद भी टीम के सभी सदस्य एक मत पर सहमत नहीं होते. इसकी वजह से टीम में विवाद होता है. अगर आप एक टीम लीडर हैं और चाहते हैं कि आपकी टीम में ऐसा विवाद न हो तो कुछ आसान टिप्स आपके काम आ सकते हैं.
सबसे पहले इस बात को मान लीजिए कि आपके टीम मेंबर्स के बीच विवाद है: कई टीम लीडर्स खुद को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए इस चीज को अंदेखा करते रहते हैं कि टीम में विवाद है. अगर आप चाहते हैं कि आप एक अच्छे टीम लीडर बनें और आपकी टीम को सफलता मिले तो जरूरी है कि आपकी टीम में चल रहे विवाद को नजरअंदाज न करें. अगर आप विवाद को नजरअंदाज करते जाएंगे तो टीम में वो विवाद बढ़ता जाएगा और आपकी टीम कभी भी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाएगी.
विवाद में एकदम से घुस कर रिएक्ट न करें: कई बार टीम लीडर्स विवाद में एकदम से घुस जाते हैं और नतीजे पर पहुंच जाते हैं. ऐसा करने से टीम में और विवाद बढ़ता ही है. अगर आप चाहते हैं कि आप एक अच्छे टीम लीडर की तरह विवाद को सुलझाएं तो जरूरी है कि पहले दोनों पक्षों की बात को सुनें. बिना पूरी बात जाने किसी भी नतीजे पर न पहुंचें. बिना किसी बात के नतीजे पर पहुंचकर आपको लग सकता है कि आपने विवाद जल्दी सुलझा दिया. लेकिन दरअसल, आपके ऐसा करने से आपकी नजरों में विवाद भले ही सुलझ गया हो लेकिन टीम मेंबर्स के बीच अभी भी वही स्थिति बनी होती है.
इस बात को सुनिश्चित करें कि टीम में सभी की बात सुनी जाए: किसी भी विवाद की स्थिति में जरूरी है कि आप इस बात को सुनिश्चित करें कि सारे सदस्यों की बातें सुनी जाएं और उनकी बातों को समझा जाए. अगर आप टीम के सदस्यों को सही से सुनेंगे और समझेंगे तो विवाद की जड़ तक पहुंच पाएंगे. एक बार विवाद की जड़ तक आप पहुंच गए को विवाद को आसानी से सुलझा पाएंगे.
विवाद समझने के बाद टीम मेंबर्स से मांगे उनके सुझाव: एक बार जब आपने सभी सदस्यों को सुन और समझ लिया है तो उसके बाद आप अपनी बात रखते हुए टीम के सदस्यों से ही परेशानी का सुझाव मांगें. जरूरी नहीं है कि आप उनके सुझावों को अप्लाई करें. लेकिन कई बार होता है कि अलग-अलग सुझाव सुनकर आपके पास एक बेहतर आइडिया आता है. इससे टीम के सदस्यों को भी अच्छा लगता है कि उनके विचारों को अहमियत दी जा रही है.