DUSU Election 2023: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए घोषणापत्र (मेनिफेस्टो) जारी किया. साथ ही छात्राओं के लिए विशेष घोषणापत्र "वू-मेनिफेस्टो" जारी किया है. एबीवीपी ने अपने मेनिफेस्टो में तनावमुक्त डीयू बनाने के लिए माइंडफुलनेस सेंटर की स्थापना, ट्रांसजेंडर समुदाय हेतु छात्रवृत्ति, कॉरपोरेट कनेक्ट सेंटर से बेहतर रोजगार के अवसर एवं छात्र समुदायों के समग्र एवं सर्वांगीण विकास के चिंतन को शामिल किया है. डूसू चुनाव के मतदान 22 सितंबर को होने वाले हैं.
ABVP के वू-मेनिफेस्टो में क्या है?
अभाविप ने महिला सुरक्षा, सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन की स्थापना एवं महिला संबंधित मुद्दों पर विशेष बल देते हुए छात्राओं के लिए अलग घोषणापत्र (वू-मेनिफेस्टो) जारी किया है. घोषणापत्र में विश्वविद्यालय के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, मानसिक तनाव मुक्त परिसर और एक पाठ्यक्रम-एक शुल्क के अलावा पढ़ाई के साथ कमाई संबंधित विषयों को भी शामिल किया है.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अभाविप से सचिव पद की प्रत्याशी अपराजिता ने कहा कि अभाविप ने महिला संबंधी समस्याओं के निवारण हेतु अलग से घोषणापत्र "वूमेनिफेस्टो" को जारी किया है, जिसमें महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण पर विशेष बल दिया गया है. स्त्री-रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता, परिसर के अंदर व बाहर महिला सुरक्षा हेतु कैमरों से निगरानी, सभी छात्रावासों के बाहर "पिंक बूथ" की स्थापना, नए महिला छात्रावासों की स्थापना, महिलाओं के किए कॉमन रूप, सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीनों के मरम्मत और नए मशीनों के इंस्टालेशन पर अभाविप कार्य करेगी. प्रत्याशी अपराजिता का कहना है कि इस घोषणापत्र को 'स्वाभिमान अभियान' द्वारा 20 हजार से अधिक प्राप्त सुझावों के आधार पर बनाया गया है.
अभाविप से संयुक्त-सचिव पद के प्रत्याशी सचिन बैसला ने कहा कि महिलाओं के लिए NCC की व्यवस्था, "लैंगिक संवेदनशीलता शिविरों" के माध्यम से लैंगिक समानता को बढ़ावा एवं "आंतरिक शिकायत समिति" के गठन हेतु अभाविप कार्यरत है. दिल्ली विश्वविद्यालय में इनके कार्यान्वयन हेतु अभाविप प्रतिबद्ध रहेगी.
ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की मांग
अभाविप द्वारा जारी किए गए घोषणापत्र में ट्रांसजेंडर हेतु नए छात्रवृत्तियों के नियोजन एवं मिल रही छात्रवृत्ति में वृद्धि सुनिश्चित करने की मांग को इंगित किया है. ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के अध्ययन में उनकी आर्थिक स्थिति बाधा न बने, इसके लिए इस प्रकार की छात्रवृत्तियों की यथाशीघ्र व्यवस्था सुनिश्चित कराना महत्वपूर्ण है तथा इसके पूर्ति हेतु अभाविप पैनल कटिबद्ध रहेगा.
माइंडफुलनेस सेंटर
छात्रों की मनोवैज्ञानिक समस्याओं के निवारण हेतु मनोचिकित्सक की 24*7 कैंपस में उपलब्धता सुनिश्चित कराया जाना महत्वपूर्ण है. इसी के साथ "तनावमुक्त डीयू परिसर" बनाने हेतु मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता (काउंसलर) एवं "माइंडफुलनेस सेंटर" की डीयू में स्थापना पर प्रमुखता से बल दिए जाने की अभाविप मांग करेगी. इसके अलावा परिसर का परिवेश तनावमुक्त रहे इसके लिए वृहद प्रयास किए जाने की बात की है.
अर्निंग विथ लर्निंग
विद्यार्थियों को "रोज़गार" एवं "पढ़ाई के साथ कमाई" के अवसरों को प्रदान करने की मांग अभाविप ने अपने घोषणापत्र(मैनिफेस्टो) में समाहित किया है. डीयू में प्रवेश के साथ छात्रों की विभिन्न अपेक्षाएं होती हैं. उन्नत शैक्षणिक व्यवस्था के साथ अध्ययन के दौरान ही उन्हें आर्थिक रूप से सबल बनाने की व्यवस्था "अर्निंग विथ लर्निंग" पहल के निमित्त किए जाने पर अभाविप प्रयास करेगी. इससे विद्यार्थियों को "आत्म-निर्भर" बनाने के लक्ष्य की पूर्ति की जा सकेगी.
कॉरपोरेट कनेक्ट सेंटर
अभाविप ने अपने घोषणापत्र में विद्यार्थियों के एक्सपोजर के लिए कई काफी बिंदुओं को रखा है, जिससे उन्हें वैश्विक फलक पर शीर्ष तक जाने वाले अवसरों की प्राप्ति हो सके. इसके लिए अभाविप कार्यात्मक "कॉरपोरेट कनेक्ट सेंटर" की स्थापना सुनिश्चित करेगी. विश्वविद्यालय प्रशासन की अनियमितता के चलते कई बार छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और महिला सुरक्षा को सुदृढ़ कराने हेतु "आंतरिक शिकायत समिति" के गठन की अभाविप मांग करेगी. डूसू चुनाव में अभाविप से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी तुषार डेढा ने कहा कि अभाविप की अगुवाई में पूर्व में भी डीयू के विकास एवं छात्र समुदाय की समस्याओं के निवारण हेतु बेहतर कार्य किया गया है. इस वर्ष दोगुने जोश से छात्रों के व्यक्तित्व विकास, परिसर के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, माइंडफुलनेस सेंटर की स्थापना, स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी सुविधाओं के विकास हेतु अभाविप कार्यरत रहेगी.
डूसू चुनाव में ABVP के 21 मुद्दे
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के घोषणापत्र में छात्र-छात्राओं से जुड़े 21 मुद्दों को शामिल किया गया है, जो इस प्रकार हैं-
छात्रों के लिए विशेष बस सेवा, मेट्रो में रियायती पास, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग व आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति में वृद्धि, सप्लीमेंट्री परीक्षाओं की मांग, नए महिला छात्रावासों का निर्माण एवं कॉलेज परिसरों में अनिवार्यतः महिला छात्रावास की व्यवस्था, शैक्षिक तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं हेतु एकल डैशबोर्ड, परिसर में 24*7 मुफ्त वाई-फाई सुविधा, स्वास्थ्य संबंधी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, कॉलेज परिसरों में स्वास्थ्य केंद्र पर 24*7 चिकित्सकों की उपलब्धता, "मानसिक तनाव रहित परिसर" हेतु मनोचिकित्सक की उपलब्धता, स्त्री रोग संबंधी विशेषज्ञों का 24*7 स्वास्थ्य केंद्रों पर नियोजन, उन्नत पुस्तकालय एवं ई-रिसोर्स के साथ सुलभ वाचनालय, खिलाड़ी छात्रों हेतु खेल-संबंधी व्यवस्थाओं का सुदृढ़ीकरण के साथ पोषण विशेषज्ञ एवं संतुलित आहार, दिव्यांग छात्रों के लिए सुलभ बुनियादी ढांचा एवं सहायक प्राद्योगिकी की उपलब्धता, रोज़गार के अवसरों के लिए "अर्निंग विथ लर्निंग", समस्याओं के निवारण हेतु "आंतरिक शिकायत समिति" का गठन एवं बेहतर एक्सपोजर के लिए "कॉरपोरेट कनेक्ट सेंटर" की स्थापना, परिसरों में जर्जर अवस्था में पड़ी सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीन की मरम्मत एवं नई मशीनों की व्यवस्था, डीयू में ईस्ट(पूर्वी) और वेस्ट(पश्चिमी) कैंपस की स्थापना, ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों हेतु नई छात्रवृत्ति का नियोजन एवं नियमित छात्रवृत्ति में वृद्धि तथा "मानसिक तनावमुक्त परिसर" के निर्माण हेतु विशिष्ट परामर्शदाता (काउंसलर) की उपलब्धता एवं मनोवैज्ञानिक समस्याओं के लिए "माइंडफुलनेस सेंटर" की स्थापना की मांग को प्रमुखता से घोषणापत्र में सम्मिलित किया गया है.