हाथरस में हो रहे भोले बाबा के सत्संग में मची भगदड़ की वजह से कई लोगों की जान चली गईं. हादसे में 121 लोगों की जान चली गईं. अब शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है और अधिकतर लोगों की मौत का कारण एस्फिक्सिया बताया जा रहा है. रिपोर्ट्स में सामने आ रहा है कि मरने वालों में 40 से 50 साल तक महिलाएं ज्यादा हैं और भगदड़ में फंसने की वजह से लोगों की एस्फिक्सिया की वजह से मौत हो गई.
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, एटा के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम मोहन तिवारी ने बताया कि करीब सभी मामलों में मौत का कारण एस्फिक्सिया ही रहा है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर ये क्या होता है, जिसकी वजह से इतनी जानें गईं और जब ये होता है तो बॉडी में क्या होता है?
क्या होता है एस्फिक्सिया?
एस्फिक्सिया का मतलब दम घुटना ही है. दरअसल, किसी भी कारण से बॉडी अच्छे से सांस नहीं ले पाती है तो इसे एस्फिक्सिया कहा जाता है. भगदड़ जैसी स्थिति में जब फेफड़ों पर कोई फोर्स लता है तो सीना और पेट दब जाता है और ये सांस लेने में बॉडी की मदद नहीं कर पाते हैं. इससे आपकी बॉडी को आवश्यक ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है और ब्रेन डेड हो जाता है और कुछ ही देर में इंसान की मौत हो जाती है.
ये कई तरह के होते हैं, जिसमें फिजिकल एस्फिक्सिया, कॉम्प्रेंसिव एस्फिक्सिया, ट्रॉमेटिक एस्फिक्सिया, पॉजिशनल एस्फिक्सिया, बर्थ एस्फिक्सिया शामिल हैं.
बॉडी में क्या होता है बदलाव?
जब आप नॉर्मली सांस लेते हैं तो सबसे पहले आप ऑक्सीजन लेते हैं. आपके लंग्स ऑक्सीजन को ब्लड पहुंचाते हैं. जब ब्लड में ऑक्सीजन जाता है तो आपके सेल्स इसका इस्तेमाल एनर्जी बनाने के लिए करते हैं. वहीं, जब इस पूरे प्रोसेस में कोई दिक्कत होती है तो कार्बन डाइ ऑक्साइड बाहर निकल नहीं पाती है, जिससे बॉडी में कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं. इसके बाद बॉडी में ऑक्सीजन का लेवल कम हो जाता है और एनर्जी भी पूरी तरह से खत्म हो जाती है. इसके बाद दिमाग, अन्य पार्ट्स काम करना बंद कर देते हैं और इंसान की मौत हो जाती है.
इन वजहों से भी हो सकती हैं मौतें?
जब भी कोई भगदड़ होती है तो सबसे ज्यादा मौत का कारण एस्फिक्सिया होता है यानी दम घुटना होता है. लेकिन, इसके अलावा कई बार कुछ मौत बोन इंजरी की वजह से भी होती है. दरअसल, जब भीड़ में कोई व्यक्ति कुचल जाता है तो कई लोग उनके ऊपर से चले जाते हैं, जिससे सीने, गर्दन आदि की हड्डी टूट जाती है. ये बोन इंजरी भी कई बार मौत का कारण बन जाती है. कई बार गर्दन की हड्डी टूटने से भी एस्फिक्सिया हो जाता है और ये मौत का कारण बन जाता है.