scorecardresearch
 

क्या भिंडी बाजार में सच में भिंडी मिलती है... जानें क्या है इसके पीछे की कहानी

मुंबई का भिंडी बाजार नाम अक्सर लोगों को भ्रम में डाल देता है. न तो यहां कभी भिंडी की बड़ी मंडी रही और न ही सब्ज़ियों की कोई खास पहचान. इसके बावजूद इस इलाके का नाम भिंडी बाजार कैसे पड़ा, यह सवाल सालों से लोगों के मन में रहा है. दरअसल, इस नाम के पीछे मुंबई के इतिहास से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी छिपी है.

Advertisement
X
क्या आपने कभी सोचा है कि जिस इलाके में न भिंडी बिकती थी और न ही सब्ज़ी मंडी थी, उसका नाम भिंडी बाजार क्यों पड़ा? ( Photo: PTI/AP )
क्या आपने कभी सोचा है कि जिस इलाके में न भिंडी बिकती थी और न ही सब्ज़ी मंडी थी, उसका नाम भिंडी बाजार क्यों पड़ा? ( Photo: PTI/AP )

मुंबई का भिंडी बाजार नाम सुनते ही जहन में सबसे पहले सब्ज़ी मंडी या भिंडी की दुकानें आने लगती हैं. लेकिन हैरानी की बात यह है कि न तो यहां कभी भिंडी की खास बिक्री होती थी और न ही यह इलाका किसी सब्ज़ी मंडी के लिए मशहूर रहा. ऐसे में सवाल उठता है कि फिर मुंबई के इस पुराने और ऐतिहासिक इलाके का नाम भिंडी बाजार आखिर पड़ा कैसे? यह नाम भिंडी (सब्ज़ी) से नहीं पड़ा, जैसा लोग अक्सर सोचते हैं. दरअसल असल में भेंडी/भिंडी बाजार नाम कुछ और ही वजह से पड़ा है और इसके पीछे इतिहास काफी दिलचस्प है. इसके पीछे की कहानी नाम जितनी साधारण लगती है, असल में उतनी ही दिलचस्प और चौंकाने वाली है. तो चलिए जानते हैं.

'Behind the Bazaar' से बना भिंडी बाजार
ब्रिटिश शासन के समय जब यह इलाका विकसित हो रहा था, तब क्रॉफोर्ड मार्केट (Crawford Market) इस इलाके का एक प्रमुख बजार था. उस समय अंग्रेज लोग इस इलाके को उस बाज़ार के 'Behind the Bazaar' यानी बाजार के पीछे कहते थे. स्थानीय लोग इस अंग्रेजी नाम को सुन-सुनकर भेंडी बाजार (Bhendi Bazaar) कहने लगे. धीरे-धीरे यही नाम स्थायी रूप से लोकप्रिय हो गया.

भिंडी से कोई सीधा संबंध नहीं
बहुत से लोग मानते हैं कि इसका नाम भिंडी (सब्जी) से पड़ा है, लेकिन यह गलत धारणा है. वास्तव में इस इलाके में कभी भिंडी से संबंधित कोई बड़ी मंडी नहीं थी. यह एक आम गलतफहमी है कि भिंडी बाजार का नाम सब्ज़ी भिंडी से जुड़ा है. हकीकत यह है कि यहां कभी भिंडी की कोई बड़ी मंडी नहीं रही. न ही यह इलाका सब्जी व्यापार के लिए मशहूर था. नाम का सब्जी से जुड़ना सिर्फ शब्दों की समानता की वजह से हुआ भ्रम है.

Advertisement

एक और पुरानी थ्योरी
कुछ इतिहासकारों का मानना है कि पुराने समय में इस इलाके में कुम्हारों (potter) की बस्ती थी, जो मिट्टी के बर्तन (मराठी में भांडी) बनाते और बेचते थे। उसी वजह से पहले इसे भांडी बाजार कहा जाता था, जो बाद में बदलकर भेंडी बाजार हो गया. इस क्षेत्र का नाम सब्जी भिंडी से नहीं, बल्कि ब्रिटिशों की बोली / स्थानीय उच्चारण के बदलने और संभवतः भांडी (मिट्टी के बर्तन) के कारण पड़ा और यह नाम समय के साथ भेंडी बाजार बन गया.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement