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Today in History: जब बम धमाकों से दहली थी मुंबई, 54 लोगों ने गंवाई थी जान, तस्‍वीरों में देखें भयावहता

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25 अगस्त 2003, यह वह तारीख है जो देश कभी नहीं भुला सकता है. इस दिन एक के बाद एक बम धमाके से पूरी मुंबई दहल गई थी. अगस्त में मुंबई में दोहरे कार बम विस्फोट हुए, जिसमें 54 लोग मारे गए और 244 लोग घायल हो गए थे एक धमाका गेटवे ऑफ इंडिया और दूसरा जावेरी बाजार में हुआ था. मुंबई 2003 बम धमाकों को करीब 19 वर्ष बीत चुके हैं. जानें कैसा था मुंबई बम धमाकों का वो भयावह मंजर.

Mumbai 2003 bomb blasts
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जावेरी बाजार में हुआ पहला धमाका
पहला धमाका मुंबई के जावेरी बाजार में एक टैक्सी में हुआ जिसमें कम से कम 29 लोगों की मौत हो गई. धमाका इतना जोरदार था कि 200 मीटर के दायरे में आसपास की ज्वैलरी स्टोर के शीशे टूट गए. सैंकड़ों की गिनती में लोग घायल हुए.
 

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गेटवे ऑफ इंडिया में दूसरा धमाका
पहले धमाके के बाद, पुलिस या आपातकालीन सेवाओं के एक्‍शन में आने से पहले गेटवे ऑफ इंडिया के ठीक बगल में दूसरा बम धमाका हुआ. ये धमाका भी एक टैक्‍सी में हुआ था. इस धमाके में 25 लोगों की मौत हो गई जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.

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54 बेगुनाहों की गई थी जान
25 अगस्त 2003 को गेटवे ऑफ इंडिया और ज़ावेरी बाज़ार में बम धमाके हुए थे. इसमें 54 बेगुनाह लोगों की मौत हो गई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. 

Mumbai 2003 bomb blasts
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ऐसे हुई संदिग्‍धों की पहचान
दोनों हमलों में काम करने का तरीका एक ही था. बम एक टैक्सी में लगाए गए थे जो एक निश्चित समय पर फट गए. जांच के दौरान, मुंबई पुलिस को अपनी सबसे महत्वपूर्ण सफलता तब मिली जब गेटवे ऑफ इंडिया पर हुए विस्फोट में टैक्‍सी ड्राइवर की जान बच गई. इसी टैक्‍सी ड्राइवर की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई.

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कैसे पकड़े गए गुनहगार
मुंबई पुलिस ने मामले के तीन प्रमुख आरोपियों - अशरफ अंसारी (32), हनीफ सैयद (46) और उनकी पत्नी फहमीदा सैयद (43) को गिरफ्तार किया. जांच में पता चला कि 25 अगस्त 2003 को अंसारी हनीफ सैयद, उसकी पत्नी और दो नाबालिग बेटियों के साथ एक टैक्सी किराए पर लेकर गेटवे ऑफ इंडिया पहुंचे थे. वे अपने साथ विस्फोटकों का एक बैग ले जा रहे थे, जिसे वे टैक्सी में छोड़ गए और टैक्‍सी ड्राइवर से कहा कि वे खाने के बाद लौट आएंगे.

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तीन लोगों ने रची थी हमले की साजिश 
इन धमाकों के लिए हनीफ, फहमीदा और अशरफ ने साज़िश रची और बम भी इन तीनों ने ही प्लांट किए थे. इन तीनों ने दो अलग अगल टैक्सियों में बम रखे थे. धमाके में एक टैक्सी वाले की तो मौत हो गई थी, जबकि दूसरा बच गया था. उसी की निशानदेही पर पुलिस इन तक पहुंच सकी थी. ये तीनों पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर से जुड़े थे.

Mumbai Car bomb blasts
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दोषियों को मिली फांसी की सजा

27 जुलाई को हुई सुनवाई में कोर्ट ने हनीफ सईद, उसकी पत्नी फहमीदा सईद और अशरफ अंसारी को धमाकों का दोषी करार दिया था. मुंबई की विशेष पोटा अदालत ने अगस्त, 2003 में हुए दोहरे धमाकों के मामले में तीनों दोषियों को 06 अगस्‍त 2009 को फांसी की सजा सुनाई थी. सजा पाने वालों में हनीफ सईद, उनकी पत्‍नी फहमीदा सईद और अशरफ अंसारी का नाम था.