AI की मदद से रिज्यूमे बनाना बेहद आसान हो गया है. लेकिन मशीन पर पूरी तरह विश्वास करना कितना सही है. आइए जानते हैं इसके बारे में.
अक्सर ऐसा होता है कि लोग AI के भरोसे अपने रिज्यूमे को छोड़ देते हैं, लेकिन उनमें उम्मीदवार का असली एक्सपीरिएंस सही तरह से नहीं शो हो पाता है. इसकी वजह से आप कई बार रिक्रूटर की आंखों में नहीं आ पाते हैं.
AI से बने रिज्यूमे आपकी स्किल्स को तो बताते हैं लेकिन आपके काम को सही तरह से दिखाने में पिछड़ जाते हैं, जिसके कारण उम्मीदवारों भी पीछे होने लगते हैं. इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि AI मददगार नहीं है. लेकिन इसके यूज करने के तरीके में फर्क है.
ऐसे में अगर आप भी AI से होने वाली इन गलतियों से बचना चाहते हैं तो अपने रिज्यूमे में अपना टच जरूर दें. अपने रिज्यूमे के ड्राफ्ट को खुद ही तैयार करें.
AI सिर्फ भाषा और फॉर्मेट को सुधारता है. लेकिन इनमें क्या जाएगा या नहीं ये उम्मीदवार को तय करना होगा.
इतना ही नहीं, अपने रिज्यूमे को आकर्षित बनाना भी बहुत जरूरी है. लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि आप अपने एक्सपीरिएंस पर से ध्यान हटा लें. एचआर रिज्यूमे में आपके एक्सपीरिएंस को देखकर शॉर्टलिस्ट करता है. इसलिए इसे साफ, सिंपल और आसान भाषा में लिखें.